मैनपुरी में 4 करोड़ की क्रिटिकल केयर यूनिट की लिफ्ट खराब मरीज परेशान
मैनपुरी क्रिटिकल केयर यूनिट
मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिला अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) की सुविधाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। यूनिट की लिफ्ट पिछले कई दिनों से खराब पड़ी है, जिसके कारण गंभीर मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस अस्पताल बिल्डिंग का उद्घाटन पर्यटन मंत्री ने किया था।
क्रिटिकल केयर यूनिट को गंभीर मरीजों के इलाज के लिए तैयार किया गया था, ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह मिल सकें। लेकिन लिफ्ट खराब होने से मरीजों को एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक ले जाने में दिक्कत हो रही है। खासकर गंभीर हालत वाले मरीजों को स्ट्रेचर या अन्य माध्यमों से ले जाना स्वास्थ्यकर्मियों के लिए चुनौती बन गया है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि गंभीर मरीजों को जल्द से जल्द इलाज की जरूरत होती है। ऐसे में लिफ्ट खराब होने से समय बर्बाद होता है और परेशानी बढ़ जाती है। बुजुर्ग मरीजों और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई आधुनिक चिकित्सा सुविधा में इतनी जल्दी तकनीकी खराबी कैसे आ गई। उनका कहना है कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर जरूरी उपकरणों और सुविधाओं का नियमित रखरखाव होना चाहिए, ताकि मरीजों को परेशानी न उठानी पड़े।
अस्पताल प्रशासन की ओर से लिफ्ट खराब होने की जानकारी के बाद उसे ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम को बुलाकर समस्या का समाधान कराया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द लिफ्ट को दोबारा शुरू किया जा सके। क्रिटिकल केयर यूनिट जैसे विभागों में लिफ्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यहां भर्ती मरीजों को अक्सर स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सपोर्ट और अन्य चिकित्सा उपकरणों के साथ ले जाना पड़ता है। ऐसे में लिफ्ट की खराबी स्वास्थ्य सेवाओं की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है।
मैनपुरी जिला अस्पताल की यह घटना एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य परियोजनाओं में रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी नई स्वास्थ्य सुविधा के निर्माण के साथ उसके संचालन और नियमित मेंटेनेंस की व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी होती है। फिलहाल मरीज और उनके परिजन जल्द लिफ्ट ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि अस्पताल प्रशासन भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए नियमित जांच और रखरखाव की व्यवस्था मजबूत करे।