लखीमपुर खीरी: उत्तर निघासन वन रेंज के नौबना गांव में वन विभाग के लगाए पिंजरे में तेंदुआ कैद हो गया। बकरी का शिकार करने के लिए भीतर जाते ही पिंजरे का दरवाजा बंद हो गया। टीम उसे रेंज कार्यालय ले गई। यह विवरण 9 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट का है; पकड़े गए तेंदुए के ‘आदमखोर’ होने की पुष्टि उसमें नहीं है। 
गांव और आसपास तेंदुए की आवाजाही से खेतों में काम करने वाले लोग चिंतित थे। शिकायत मिलने पर वन विभाग ने गन्ने के खेत में पिंजरा लगाया था। सुबह उसके पकड़े जाने की जानकारी फैली तो लोग मौके पर जुट गए। विभाग की टीम ने पहुंचकर पिंजरे को अपने नियंत्रण में लिया। 
रेंजर भूपेंद्र चौधरी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा था। स्वस्थ पाए जाने और उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक वास में छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जानी थी। इसके बाद उसे कब और कहां छोड़ा गया, इसका पुष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है। वन विभाग ने लोगों से वन्यजीव दिखने पर उसे घेरने या करीब जाने से बचने और तुरंत सूचना देने की अपील की। तेंदुआ पकड़े जाने से ग्रामीणों को राहत मिली, लेकिन क्षेत्र में सावधानी बरतने की जरूरत बनी हुई है।
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