गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में रविवार सुबह कांवड़ियों से जुड़ा एक दर्दनाक हादसा हो गया। पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल अहमद अली शाह उर्फ तुर्रा गांव के पास कांवड़ियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगा डीजे सड़क किनारे से गुजर रहे बिजली के तार के संपर्क में आ गया। इससे डीजे और ट्रॉली में करंट फैल गया। हादसे में दो कांवड़िये गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान एक कांवड़िये की मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांवड़ियों का एक समूह ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर जा रहा था। ट्रॉली पर डीजे भी लगाया गया था। रविवार सुबह जब ट्रैक्टर-ट्रॉली जंगल अहमद अली शाह उर्फ तुर्रा के पास पिपराइच मुख्य मार्ग से गुजर रही थी, तभी ऊंचाई पर लगा डीजे सड़क किनारे मौजूद बिजली के तार से सट गया। तार के संपर्क में आते ही पूरे डीजे सिस्टम और ट्रॉली में बिजली का करंट दौड़ गया।

अचानक करंट फैलने से ट्रॉली पर सवार कांवड़ियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए ट्रॉली से नीचे उतरने लगे। इस दौरान दो कांवड़िये करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को घटना की सूचना दी। जानकारी मिलते ही पिपराइच थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

घायलों की पहचान जंगल औराही निवासी 25 वर्षीय मोहन भारती और जंगल अहमद अली शाह उर्फ तुर्रा निवासी 24 वर्षीय करन चौहान के रूप में हुई। मोहन भारती सुदामा के पुत्र हैं, जबकि करन चौहान के पिता का नाम रामसिंह चौहान बताया गया है। स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने दोनों का इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर रूप से झुलसे करन चौहान को बचाया नहीं जा सका। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मोहन भारती का इलाज जारी है।

करन चौहान की मौत की जानकारी मिलने के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया। रविवार सुबह हुई इस घटना से गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। हादसे की सूचना मिलने पर करन के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली और उसमें लगे डीजे के बारे में जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण डीजे का बिजली के तार से संपर्क होना बताया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ट्रॉली पर डीजे कितनी ऊंचाई पर लगाया गया था और मार्ग पर बिजली का तार कितनी ऊंचाई से गुजर रहा था। घटना से संबंधित अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।

कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों पर ऊंचे डीजे लगाने से बिजली के तारों के संपर्क में आने का खतरा बना रहता है। ऐसे में वाहन चालकों और आयोजकों को मार्ग में लगे बिजली के तारों तथा ऊंचाई संबंधी सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल पुलिस ने शव के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और घटना की विस्तृत जांच जारी है।

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