Kanpur : रामनवमी पर भारी बवाल, लोगों से झड़प

Update: 2025-04-07 01:14 GMT
Kanpur कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में रामनवमी के पावन अवसर पर स्थिति कुछ तनावपूर्ण हो गई। शहर के कुछ इलाकों में विरोध प्रदर्शन, पथराव और पुलिस के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। ब्रह्मदेव चौराहे पर हिंदू संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें मोदी-योगी मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की भी खबरें आई हैं।
ब्रह्मदेव चौराहे पर हिंदू संगठनों ने पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि रामनवमी के मौके पर जुलूस को रोका गया या उसकी सुरक्षा में लापरवाही बरती गई। इसी नाराजगी के चलते प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
जुलूस पर पथराव का आरोप
मूलगंज थाना क्षेत्र में रामनवमी जुलूस पर पथराव की खबरें आई हैं। विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने आरोप लगाया कि जुलूस पर जानबूझकर हमला किया गया। वहीं, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस बल मौके पर मौजूद था और अभी तक ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। डीसीपी श्रवण कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस पर जूता फेंका, माहौल बिगाड़ने की कोशिश
जानकारी के मुताबिक, जुलूस के दौरान किसी अराजक तत्व द्वारा पुलिस बल पर जूता फेंका गया। इस घटना को माहौल बिगाड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लेने की कोशिश की, लेकिन जब एक युवक को बिना नंबर की गाड़ी में ले जाया जा रहा था, तो भीड़ ने बीच-बचाव कर उसे छुड़वा लिया। यह घटना रावतपुर थाना क्षेत्र में हुई।
लाउडस्पीकर विवाद और सोशल मीडिया पर नाराजगी
रामनवमी के मौके पर लाउडस्पीकर और जुलूस को लेकर विवाद की स्थिति बनी रही। कानपुर के मसवानपुर और अन्य इलाकों में पारंपरिक जुलूस नहीं निकाला जा सका, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पुलिस प्रशासन खासकर डीसीपी पश्चिम आरती सिंह के खिलाफ पोस्टर और कमेंट शेयर किए। कुछ पोस्टरों पर लिखा था, "आपकी वजह से पारंपरिक जुलूस नहीं निकल सका, शुक्रिया आरती सिंह।" एक युवक ने सोशल मीडिया पर कानपुर पुलिस कमिश्नर के खिलाफ तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशासन की उदासीनता से धार्मिक स्वतंत्रता को ठेस पहुंची है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए और शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए। मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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