Kanpur: प्रेमिका ने प्रेमी पर लगाया दुष्कर्म और धोखाधड़ी का आरोप, बारात लौटी खाली

Update: 2025-06-07 09:09 GMT

कानपुर: कानपुर के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने समाज और कानून दोनों को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहां एक युवती अपनी प्रेमी की बारात रुकवाने की गुहार लेकर थाने पहुंची थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उसे दिनभर चौकी में बैठाए रखा और कोई कार्रवाई नहीं की। इस बीच युवक बारात लेकर महोबा रवाना हो गया। जब यह बात लड़की पक्ष को पता चली तो उन्होंने शादी से इनकार कर दिया और अंततः बारात बिना दुल्हन के ही लौट आई। युवती ने अब युवक के खिलाफ धोखाधड़ी और दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस जांच में जुटी है।

चार साल का रिश्ता, शादी का वादा और धोखा

मूल रूप से नौबस्ता क्षेत्र की रहने वाली युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक के साथ उसका पिछले चार वर्षों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। युवती का आरोप है कि युवक ने उसे शादी का झांसा देकर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती के बालिग होने के बाद जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो युवक ने उसे धमकाना शुरू कर दिया और मारपीट भी की।

युवती ने बताया कि उसने प्रेमी पर भरोसा किया था और अपने परिवार को भी इस रिश्ते के बारे में बताया था। लेकिन युवक और उसके परिजन लगातार बहानेबाजी करते रहे। वहीं, गुरुवार को जब युवती ने इंस्टाग्राम पर युवक की शादी की तैयारियों से जुड़ी पोस्ट देखी तो उसके होश उड़ गए।

प्रेमिका का विरोध, परिजनों की बेरुखी और पुलिस की निष्क्रियता

युवती ने जब इंस्टाग्राम पर शादी का पोस्ट देखा, तो तुरंत युवक के घर पहुंच गई और जवाब मांगा। आरोप है कि युवक के परिजनों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसे घर से भगा दिया। इसके बाद युवती सीधे कोरिया पुलिस चौकी पहुंची और मामले की शिकायत दर्ज करवाई।

लेकिन, युवती का आरोप है कि पुलिस ने उसे सिर्फ तसल्ली दी और कहा कि “हम युवक को बुलाते हैं, कार्रवाई करेंगे।” इसके बाद उसे पूरे दिन चौकी में बैठाए रखा गया, परंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस महज आरोपी युवक की तलाश का बहाना बनाकर उसे टालती रही।

युवती ने 112 नंबर पर कॉल कर कंट्रोल रूम को भी पूरे मामले की जानकारी दी और तत्काल सहायता की मांग की। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी—युवक बारात लेकर महोबा के लिए निकल चुका था।

बारात पहुंची लेकिन दुल्हन नहीं मिली

जब युवक की बारात महोबा पहुंची तो वहां लड़की पक्ष को कानपुर में चल रहे घटनाक्रम की जानकारी मिल गई। उन्होंने युवक की प्रेमिका द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बारे में सुना और यह फैसला लिया कि वे ऐसी परिस्थिति में शादी नहीं करेंगे। नतीजतन, शादी के मंडप से ही बारात को लौटा दिया गया।

इस तरह पूरी बारात बिना दुल्हन के ही कानपुर वापस लौट आई, और वहां पर भी युवक व उसके परिवार को लोगों के तीखे सवालों और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।

पुलिस पर लापरवाही के आरोप

इस पूरी घटना में सबसे बड़ी भूमिका पुलिस की निष्क्रियता की मानी जा रही है। यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो या तो युवक को गिरफ्तार किया जा सकता था या कम से कम बारात को रोका जा सकता था। लेकिन युवती के आरोपों के अनुसार पुलिस ने केवल औपचारिकता निभाई और वास्तविक कदम उठाने में विफल रही।

अब जब मामला मीडिया की नजर में आया और युवती ने कानूनी रास्ता अपनाया, तब जाकर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ धोखाधड़ी और दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।

कानूनी नजरिया और समाज में संदेश

कानूनी रूप से, यदि किसी युवक ने युवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए हैं और फिर विवाह से इनकार किया है, तो यह भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म) और 417 (धोखाधड़ी) के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। इस मामले में युवती ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि युवक ने उसे विश्वास में लेकर कई बार उसका शारीरिक शोषण किया और जब बात शादी की आई, तो वह मुकर गया।

समाज में इस प्रकार की घटनाएं न केवल रिश्तों में विश्वास को तोड़ती हैं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो संभवतः इस लड़की को इतना मानसिक आघात न झेलना पड़ता।

स्थानीय प्रतिक्रिया और पुलिस का पक्ष

इस घटना को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल गर्म है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने पहले भी कई मामलों में इसी तरह की ढिलाई बरती है, जिसका फायदा आरोपी पक्ष उठाता है। वहीं, पुलिस की ओर से कहा गया है कि मामला अब गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “युवती की शिकायत के आधार पर आईपीसी की उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”

निष्कर्ष: प्रेम, विश्वास और कानून

यह घटना एक बार फिर से यह दर्शाती है कि प्रेम और विश्वास का जब दुरुपयोग होता है, तो न केवल व्यक्तिगत जीवन प्रभावित होता है बल्कि सामाजिक ढांचा भी हिल जाता है। ऐसे मामलों में कानून का हस्तक्षेप आवश्यक होता है, लेकिन यदि पुलिस जैसी संस्थाएं लापरवाही बरतें, तो पीड़िता को दोहरा कष्ट सहना पड़ता है—एक निजी स्तर पर और दूसरा सामाजिक न्याय की अनदेखी के कारण।

अब देखना यह है कि कानपुर पुलिस इस केस में कितनी तत्परता दिखाती है और पीड़िता को न्याय दिलाने में कितनी सफलता मिलती है।

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