Kanpur : परीक्षा केंद्र के बाहर हादसा, स्लैब टूटने से 25 अभ्यर्थी सीवेज ड्रेन में गिरे
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा उस समय हो गया जब B.Ed संयुक्त प्रवेश परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के बाहर अचानक दुर्घटना का शिकार हो गए। मैकरॉबर्टगंज स्थित एच.एन. मिश्रा पीजी कॉलेज के पास एक पुराना कंक्रीट स्लैब टूटने से करीब दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थी सीवेज से भरे ड्रेन में गिर गए।
पुलिस के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी कराने के लिए पास की दुकान पर इकट्ठा हुए थे। भीड़ बढ़ने के कारण लोग एक संकरे क्षेत्र में खड़े थे, जिसके नीचे पुराना नाला ढका हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, अधिक भीड़ और वजन के दबाव के कारण ड्रेन को ढकने वाला पुराना कंक्रीट स्लैब अचानक धंस गया। देखते ही देखते करीब 20 से 25 अभ्यर्थी सीवेज से भरे गड्ढे में गिर पड़े, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हादसे के बाद स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया गया। सीवेज ड्रेन से सभी अभ्यर्थियों को बाहर निकाला गया। इस घटना में चार अभ्यर्थियों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि अन्य कई लोग गंदे पानी में गिरने के कारण असहज स्थिति में आ गए।
घटना में कई छात्रों के कपड़े, किताबें, एडमिट कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी खराब हो गए, जिससे उन्हें परीक्षा के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ छात्रों को गीले कपड़ों और क्षतिग्रस्त दस्तावेजों के साथ ही परीक्षा केंद्र की ओर जाना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह स्लैब काफी पुराना था और लंबे समय से उसकी मरम्मत नहीं की गई थी। भीड़ के कारण उसका भार सहन नहीं हो सका और यह हादसा हो गया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित प्रशासनिक विभाग को भी सूचित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही भविष्य में न हो, इसके लिए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की जांच की जाएगी।
इस घटना ने परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र संगठनों ने भी इस मामले में उचित जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल सभी घायल और प्रभावित अभ्यर्थियों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और स्थिति सामान्य होने का दावा किया जा रहा है।