गोरखपुर। त्योहार और लग्न का सीजन शुरू होने से पहले ही महंगाई ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। रोजमर्रा की जरूरत वाली खाद्य सामग्री के साथ अब मेवा और अन्य घरेलू सामानों के दामों में भी तेजी देखने को मिल रही है। बढ़ती कीमतों के कारण त्योहारों पर पकवान बनाने की तैयारी कर रहे परिवारों की चिंता बढ़ गई है।

बाजार में सबसे ज्यादा असर दाल और बेसन की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। बेसन के दामों में करीब पांच रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब बेसन की कीमत बढ़कर लगभग 115 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। त्योहारों में बेसन से बनने वाली मिठाइयों और नमकीन की मांग बढ़ने के कारण इसका असर लोगों की जेब पर पड़ना तय है।

इसके अलावा चना दाल और अरहर दाल के भाव में भी तेजी आई है। बाजार में दोनों दालों की कीमतों में पांच से सात रुपये प्रति किलोग्राम तक की बढ़ोतरी हुई है। दालें आम घरों की रसोई का अहम हिस्सा हैं, ऐसे में कीमत बढ़ने से घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है।

त्योहारों के दौरान घरों में तरह-तरह के पकवान और मिठाइयां बनाई जाती हैं। बेसन, दाल, चीनी और अन्य खाद्य सामग्री की मांग इस समय सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में तेजी से त्योहार की तैयारियों पर अतिरिक्त खर्च बढ़ने की संभावना है।

वहीं चायपत्ती के दामों में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है। बाजार में चायपत्ती की कीमतों में 30 से 40 रुपये तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। इससे रोज सुबह और शाम चाय पीने वाले परिवारों का खर्च भी बढ़ गया है।

दूसरी ओर चीनी के दाम पहले से ही लोगों को परेशान कर रहे हैं। बाजार में चीनी करीब 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है। त्योहारों और लग्न के मौसम में मिठाई, पकवान और घरेलू व्यंजनों में चीनी की खपत बढ़ जाती है, जिससे बढ़े हुए दामों का असर और अधिक महसूस होगा।

व्यापारियों के अनुसार, बाजार में कई खाद्य वस्तुओं की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हुई है। मांग बढ़ने और आपूर्ति से जुड़े कारणों की वजह से कई सामान महंगे हुए हैं। त्योहारों के नजदीक आने के साथ कुछ और वस्तुओं के दामों में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है।

मेवा और सूखे फलों के दामों में भी तेजी देखने को मिल रही है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और उपहारों में मेवा का इस्तेमाल बढ़ जाता है, इसलिए इसकी कीमतों में बढ़ोतरी का असर भी ग्राहकों पर पड़ रहा है।

गृहिणियों का कहना है कि त्योहारों में हर साल की तरह इस बार भी घर में पकवान बनाने की तैयारी है, लेकिन बढ़ती कीमतों के कारण खर्च का हिसाब बदलना पड़ रहा है। कई परिवार अब कम मात्रा में सामान खरीदने या विकल्प तलाशने की योजना बना रहे हैं।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के समय मांग बढ़ने से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव आम बात है। हालांकि, लगातार बढ़ती कीमतें आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

सरकार और संबंधित विभागों की ओर से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नजर रखी जा रही है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कीमतों में राहत मिलेगी, ताकि त्योहारों का उत्साह महंगाई के दबाव में कम न हो।

फिलहाल त्योहारों से पहले बढ़ी महंगाई ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बेसन, दाल, चीनी और चायपत्ती जैसी जरूरी वस्तुओं के महंगे होने से रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है।

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