रामपुर। घरेलू गैस सिलिंडर उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर है। जिन गैस कनेक्शनधारकों ने अब तक आधार सत्यापन यानी ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं कराई है, उन्हें सरकार ने अंतिम मौका दिया है। उपभोक्ताओं को 30 सितंबर तक अपना आधार सत्यापन पूरा कराना होगा। इसके बाद सत्यापन नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलिंडर लेने में अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ सकता है।

जानकारी के अनुसार, ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के लिए 30 सितंबर तक की समय सीमा तय की गई है। इसके बाद 1 अक्टूबर से ऐसे उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर लेने के लिए सामान्य कीमत की तुलना में अधिक राशि का भुगतान करना पड़ सकता है।

जिले में बड़ी संख्या में गैस उपभोक्ताओं ने अभी तक आधार सत्यापन नहीं कराया है। आंकड़ों के अनुसार, करीब एक लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जिनका ई-केवाईसी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। प्रशासन और गैस एजेंसियों की ओर से लगातार उपभोक्ताओं से जल्द सत्यापन कराने की अपील की जा रही है।

जिले में कुल 6,47,291 एलपीजी गैस कनेक्शन दर्ज हैं। इनमें 2,52,620 कनेक्शन उज्ज्वला योजना के तहत जारी किए गए हैं, जबकि 3,94,408 सामान्य घरेलू गैस कनेक्शन हैं। इन सभी उपभोक्ताओं को इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की एजेंसियों के माध्यम से एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति की जाती है।

जिले में तीनों प्रमुख तेल कंपनियों की कुल 44 गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं को सेवा दे रही हैं। इन एजेंसियों के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया भी पूरी कराई जा रही है।

गैस एजेंसियों के अधिकारियों के अनुसार, ई-केवाईसी का उद्देश्य गैस कनेक्शन की सही जानकारी सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड को अपडेट करना है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलती है।

उज्ज्वला योजना के तहत मिले गैस कनेक्शनधारकों के लिए भी आधार सत्यापन जरूरी बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर ई-केवाईसी नहीं कराने पर सब्सिडी और अन्य सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है।

गैस एजेंसियों की ओर से उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी करा लें। इसके लिए उपभोक्ता संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर या उपलब्ध ऑनलाइन माध्यमों से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

ई-केवाईसी के लिए आमतौर पर आधार कार्ड और गैस कनेक्शन से जुड़ी जानकारी की आवश्यकता होती है। उपभोक्ताओं को अपना मोबाइल नंबर भी अपडेट रखने की सलाह दी जा रही है, ताकि उन्हें जरूरी सूचनाएं समय पर मिल सकें।

अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के सत्यापन लंबित होने के कारण अंतिम समय में परेशानी हो सकती है। इसलिए सभी उपभोक्ताओं को समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है।

गैस कनेक्शनधारकों के बीच ई-केवाईसी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए एजेंसियों की ओर से अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को फोन, संदेश और अन्य माध्यमों से जानकारी दी जा रही है।

सरकार की ओर से यह कदम गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने और फर्जी या डुप्लीकेट कनेक्शन की पहचान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

फिलहाल जिले में करीब एक लाख उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी बाकी है। ऐसे में 30 सितंबर की अंतिम तारीख से पहले इन उपभोक्ताओं को अपना आधार सत्यापन कराना होगा, ताकि भविष्य में गैस सिलिंडर प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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