IAS दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा पति गगनदीप सिंह भी छोड़ चुके हैं सरकारी सेवा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारी समेत महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुकीं चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने रविवार को अचानक भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया। उनके इस फैसले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल उनके इस्तीफे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। इस बीच उनके पति गगनदीप सिंह ढिल्लों का भी जिक्र हो रहा है, जिन्होंने करीब चार साल पहले वर्ष 2022 में सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था।
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारियों में गिनी जाती रही हैं। विभिन्न जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनके अचानक इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद इसकी वजह को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि जब तक दिव्या मित्तल या संबंधित विभाग की ओर से इस्तीफे के कारण को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक किसी भी चर्चा को पुष्ट कारण नहीं माना जा सकता।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के साथ उनके पति गगनदीप सिंह ढिल्लों के सरकारी सेवा छोड़ने के फैसले की भी चर्चा तेज हो गई है। गगनदीप सिंह ढिल्लों 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (आईटीएस) अधिकारी थे। उन्होंने वर्ष 2022 में सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था। उस समय वह केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में संयुक्त महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे।
गगनदीप सिंह की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत रही है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। भारतीय व्यापार सेवा में चयन के बाद उन्होंने केंद्र सरकार के तहत विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। इसके बावजूद वर्ष 2022 में उनका सरकारी सेवा से अलग होने का फैसला चर्चा में रहा था।
अब करीब चार साल बाद उनकी पत्नी और आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद दोनों के सरकारी सेवाओं से अलग होने के फैसलों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। हालांकि दोनों के इस्तीफों को आपस में जोड़ने वाला कोई आधिकारिक तथ्य सामने नहीं आया है। दिव्या मित्तल के वर्तमान फैसले की वजह भी अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
दिव्या मित्तल अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान अलग-अलग जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा में रही हैं। जिलाधिकारी के तौर पर उनकी कार्यशैली और प्रशासनिक फैसलों ने भी कई बार लोगों का ध्यान खींचा। यही कारण है कि अचानक उनके इस्तीफे की खबर आने के बाद प्रशासनिक सेवा से जुड़े लोगों के साथ आम लोगों में भी यह जानने की उत्सुकता है कि आखिर उन्होंने यह फैसला क्यों लिया।
किसी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का सेवा से इस्तीफा देना सामान्य प्रशासनिक घटनाक्रम से अलग माना जाता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन के लिए कठिन प्रतियोगी परीक्षा और लंबी प्रशिक्षण प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके बाद अधिकारियों को केंद्र और राज्य सरकारों में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी मिलती है। ऐसे में लंबे समय तक सेवा करने के बाद किसी अधिकारी के अचानक इस्तीफे की खबर स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन जाती है।
दिव्या मित्तल के मामले में भी फिलहाल स्थिति ऐसी ही है। उनके फैसले के पीछे व्यक्तिगत कारण हैं या उन्होंने भविष्य के लिए कोई नई योजना बनाई है, इस संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर कई तरह के दावे और कयास लगाए जा सकते हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि के बिना उन्हें तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
दूसरी ओर, गगनदीप सिंह ढिल्लों का वर्ष 2022 में लिया गया फैसला पहले से सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा रहा है। वह भारतीय व्यापार सेवा के अधिकारी के रूप में केंद्र सरकार में कार्यरत थे और इस्तीफे के समय संयुक्त महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई और सरकारी सेवा में महत्वपूर्ण पद के बावजूद उनका नौकरी छोड़ना भी उस समय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना था।
अब दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद यह सवाल प्रमुखता से उठ रहा है कि उनका अगला कदम क्या होगा। क्या वह किसी नई पेशेवर भूमिका की ओर बढ़ेंगी या इसके पीछे कोई निजी कारण है, यह आने वाले समय में स्पष्ट हो सकता है। फिलहाल उनके इस्तीफे को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत कारण सामने आने का इंतजार है।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे ने उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में हलचल जरूर बढ़ा दी है। कई जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल चुकीं अधिकारी का इस तरह सेवा छोड़ने का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की निगाह इस बात पर है कि इस्तीफे की प्रक्रिया और उसके कारणों को लेकर आगे क्या आधिकारिक जानकारी सामने आती है।