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उत्तर प्रदेश
महिला स्वयं सहायता समूहों को रेलवे स्टेशनों पर मिलेगा बड़ा बाजार
nidhi
31 Aug 2026 8:10 AM IST

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महिला उत्पाद विपणन केंद्र
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में नई पहल की जा रही है। प्रदेश के 100 रेलवे स्टेशनों पर ‘सीएम महिला उत्पाद विपणन केंद्र’ खोलने की योजना तैयार की गई है। इन केंद्रों के जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पाद सीधे रेल यात्रियों और स्थानीय ग्राहकों तक पहुंच सकेंगे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के साथ उन्हें स्थायी बाजार उपलब्ध कराना है। अभी कई महिला समूह खाद्य सामग्री, हस्तशिल्प, कपड़े, सजावटी सामान और स्थानीय उत्पाद तैयार करते हैं, लेकिन बाजार और बिक्री के पर्याप्त साधन नहीं मिलने के कारण उनके उत्पाद सीमित ग्राहकों तक ही पहुंच पाते हैं। रेलवे स्टेशनों पर विपणन केंद्र खुलने से इस समस्या को काफी हद तक दूर करने की उम्मीद है।
योजना के तहत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का चयन किया जाएगा। यहां महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रचार और बिक्री के लिए बड़ा ग्राहक वर्ग मिल सकेगा। विपणन केंद्रों में स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले खाद्य पदार्थ, अचार, पापड़, मसाले, नमकीन, मिठाइयां, हस्तनिर्मित सामान, कपड़े, बैग और सजावटी उत्पादों सहित विभिन्न वस्तुओं को जगह मिल सकती है। अलग-अलग जिलों की विशेष पहचान वाले उत्पादों को भी इन केंद्रों के माध्यम से यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है। इससे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
महिला स्वयं सहायता समूह उत्तर प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार लगातार इन समूहों को बैंक ऋण, प्रशिक्षण, उत्पादन और विपणन जैसी सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। रेलवे स्टेशनों पर प्रस्तावित विपणन केंद्र इसी अभियान का विस्तार माने जा रहे हैं।
रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक और अधिक आवाजाही वाले स्थान पर दुकान मिलने से स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद बेचने के लिए अलग से बाजार तलाशने की जरूरत कम होगी। साथ ही दूसरे राज्यों और शहरों से आने वाले यात्रियों तक भी स्थानीय उत्पाद पहुंच सकेंगे। इससे यूपी के पारंपरिक और क्षेत्रीय उत्पादों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
योजना लागू होने के बाद इससे जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर पर उत्पादन करने वाली महिलाओं को इसका फायदा मिलने की संभावना है। सरकार का प्रयास है कि महिला समूह केवल उत्पादन तक सीमित न रहें बल्कि उन्हें बिक्री और बाजार की मजबूत व्यवस्था से भी जोड़ा जाए। 100 रेलवे स्टेशनों पर महिला उत्पाद विपणन केंद्र शुरू होने से स्वयं सहायता समूहों के लिए रेलवे स्टेशन एक नए बाजार के रूप में सामने आएंगे। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने के साथ स्थानीय उत्पादों को प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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