कन्नौज में हाईटेंशन लाइन बनी काल, आइसक्रीम फैक्ट्री संचालक के दो किशोर बेटों की करंट लगने से मौत
उत्तर प्रदेश: कन्नौज जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां आइसक्रीम फैक्ट्री में काम करने वाले दो सगे किशोर भाइयों की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों भाई अपने पिता की मदद करने के साथ-साथ पढ़ाई भी कर रहे थे। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने दोनों किशोरों के शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह दर्दनाक घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के करनपुर चौराहा स्थित एक आइसक्रीम फैक्ट्री में हुई। जानकारी के अनुसार, गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के मूसर गांव निवासी जितेंद्र कुमार महाराष्ट्र में आइसक्रीम बनाने और बेचने का काम करते थे। इसी साल जनवरी में वह वापस अपने गांव लौट आए थे। इसके बाद उन्होंने मार्च महीने में करनपुर चौराहा स्थित एक मकान को किराये पर लेकर उसमें आइसक्रीम फैक्ट्री शुरू की थी।
जितेंद्र कुमार के साथ उनके दोनों बेटे 16 वर्षीय सुमित कुमार और 14 वर्षीय शोभित कुमार भी फैक्ट्री में रहते थे और काम में पिता का हाथ बंटाते थे। दोनों किशोर पढ़ाई में भी लगे हुए थे। सुमित ने मानपुर रोड स्थित स्कूल में हाईस्कूल में दाखिला लिया था, जबकि शोभित कक्षा नौ का छात्र था। पिता चाहते थे कि बच्चे रोजगार में सहयोग करने के साथ अच्छी शिक्षा भी हासिल करें।
मंगलवार दोपहर फैक्ट्री की छत पर बारिश का पानी निकलने वाला पाइप जाम हो गया था। पाइप में फंसे कूड़े को निकालने के लिए दोनों भाई छत पर गए थे। उन्होंने लोहे की सरिया की मदद से पाइप में फंसी गंदगी हटाने की कोशिश की। इसी दौरान छत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में सरिया आ गई।
सरिया के हाईटेंशन लाइन से छूते ही दोनों भाई तेज करंट की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि दोनों किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और दोनों को तुरंत जिला अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दोनों बेटों की मौत की खबर सुनते ही पिता जितेंद्र कुमार और परिवार के अन्य सदस्यों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए उन्हें अपने साथ रखते थे, लेकिन एक हादसे ने उनकी जिंदगी भर की खुशियां छीन लीं। दोनों भाइयों की मौत के बाद उनकी इकलौती बहन भी सदमे में है और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कन्नौज के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो किशोर भाइयों की मौत हुई है। मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
वहीं, इस घटना के बाद इलाके में हाईटेंशन लाइनों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करनपुर-सिटी मार्ग पर कई जगह हाईटेंशन लाइन के नीचे मकान और दुकानें बना दी गई हैं। इससे भविष्य में भी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाईटेंशन लाइन पहले से मौजूद थी, लेकिन लोगों ने उसके नीचे नियमों को नजरअंदाज करते हुए निर्माण कर लिया। जेई करन सिंह ने बताया कि क्षेत्र का सर्वे कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कन्नौज की इस घटना ने एक बार फिर हाईटेंशन बिजली लाइनों के नीचे हो रहे अवैध निर्माण और सुरक्षा लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो मासूम जिंदगियों के जाने से पूरा परिवार टूट गया है, वहीं प्रशासन के सामने भी अब ऐसे हादसों को रोकने की बड़ी चुनौती है।