तमिलनाडु में सियासी विवाद पर हाईकोर्ट सख्त TVK नेता को लगाई फटकार
वित्त मंत्री को लेकर याचिका
चेन्नई : मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के वित्त मंत्री मारी विल्सन की अदालत में पेशी से छूट मांगने वाली याचिका पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि कोई भी व्यक्ति पद या प्रतिष्ठा के आधार पर कानून से ऊपर नहीं हो सकता। न्यायालय ने तीखे अंदाज में पूछा कि “क्या तमिलनाडु के वित्त मंत्री इंग्लैंड के राजा हैं?” मामला पुडुचेरी में दर्ज एक केस से जुड़ा है, जिसमें मंत्री की अदालत में व्यक्तिगत पेशी को लेकर विवाद चल रहा था। सुनवाई के दौरान मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि मंत्री को भी आम नागरिकों की तरह न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना होगा।
अदालत में पेशी से छूट मांगने पर नाराजगी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मंत्री की ओर से बार-बार पेशी से राहत मांगने पर सवाल उठाए। न्यायमूर्ति ने कहा कि केवल मंत्री पद पर होने से किसी को अदालत में आने से छूट नहीं मिल सकती। कोर्ट ने उदाहरण देते हुए कहा कि देश के बड़े पदों पर बैठे लोग भी जरूरत पड़ने पर अदालत में पेश हुए हैं। न्यायालय ने कानून के सामने सभी की समानता पर जोर दिया।
मंत्री ने पेश होने की बात कही
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद वित्त मंत्री मारी विल्सन ने अदालत में पेश होने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि वह आगे की न्यायिक प्रक्रिया का पालन करेंगे।
TVK सरकार के लिए बढ़ी मुश्किलें
यह मामला तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार के लिए राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला कर रहा है और मंत्रियों की जवाबदेही पर सवाल उठा रहा है।
कोर्ट का संदेश साफ
मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणी को न्यायिक प्रक्रिया और जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को भी कानून और अदालत के आदेशों का सम्मान करना होगा।