High Court: परिणाम घोषित न होने से परेशान छात्रा के मूल रिकॉर्ड पेश करने के दिए आदेश

Update: 2024-06-13 07:02 GMT

Allahabad इलाहाबाद :इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बुधवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) परिणाम घोषित न होने से परेशान एक छात्रा के मूल रिकॉर्ड पेश करने को कहा।पीठ ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 18 मई तय की है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की अवकाशकालीन पीठ ने छात्रा आयुषी पटेल द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश दिया।

याचिकाकर्ता ने कहा कि एनटीए द्वारा उसका नीट परीक्षा परिणाम इस आरोप के चलते घोषित नहीं किया जा रहा है कि उसकी ओएमआर शीट फटी हुई पाई गई थी। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि उसकी ओएमआर शीट का मूल्यांकन ‘मैन्युअल’ रूप से किया जाए। उसने एनटीए के खिलाफ जांच करने और परीक्षा के लिए ‘काउंसलिंग’ रोकने का भी अनुरोध किया है।याचिकाकर्ता ने एनटीए पर आरोप लगाया है कि उसकी ‘OMR Sheet’ सही-सलामत थी लेकिन एनटीए ने उसे एक संदेश भेजा कि उसका परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा क्योंकि उसकी ‘OMR Sheet’ फटी हुई पाई गई है।

याचिका का विरोध करते हुए एनटीए ने याचिकाकर्ता की मूल ‘ओएमआर शीट’, ‘स्कोर कार्ड’ और उपस्थिति पत्रक पेश किया तथा कहा कि यह समझना मुश्किल है कि इसके बावजूद याचिकाकर्ता आवेदन संख्या 240411840741 से ई-मेल क्यों भेज रहा था।सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि छात्रा की ‘ओएमआर शीट’ में भरी आवेदन संख्या उसके द्वारा भेजे गए ई-मेल से अलग है। अदालत ने दोनों पक्षों को अगली सुनवाई पर मूल रिकार्ड पेश करने का आदेश दिया है।

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