मुरादाबाद। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। मंगलवार को शासन से गाइडलाइन मिलने के बाद जिला अस्पताल में मरीजों की जांच, निगरानी और उपचार को लेकर तैयारियां तेज कर दी गईं। संभावित मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में कुल 15 बेड आरक्षित किए गए हैं।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के लिए तीन बेड, जबकि सारी (Severe Acute Respiratory Infection) वार्ड में दो बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त अस्पताल में पहले से तैयार आपदा प्रबंधन के 10 बेड भी जरूरत पड़ने पर स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार में इस्तेमाल किए जा सकेंगे। इस तरह आवश्यकता पड़ने पर कुल 15 बेड उपलब्ध रहेंगे।

शासन की गाइडलाइन के बाद बढ़ाई निगरानी

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देश मिलने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षणों वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अस्पताल में आने वाले मरीजों की प्रारंभिक जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि उनमें सांस संबंधी परेशानी, तेज बुखार, खांसी या अन्य संदिग्ध लक्षण तो नहीं हैं। ऐसे मरीजों की चिकित्सकीय जांच के बाद उनकी स्थिति के अनुसार आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग का जोर इस बात पर है कि संभावित मरीजों की पहचान शुरुआती स्तर पर ही हो सके, ताकि गंभीर स्थिति बनने से पहले आवश्यक उपचार शुरू किया जा सके।

इमरजेंसी में तीन बेड आरक्षित

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तीन बेड स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की स्थिति गंभीर होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

यदि किसी मरीज को तेज बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी या लगातार खांसी जैसी शिकायत होती है तो डॉक्टर उसकी स्थिति का आकलन करेंगे। जरूरत के अनुसार मरीज को निगरानी में रखा जा सकता है और आगे की जांच कराई जा सकती है।

अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी स्टाफ को भी संभावित मरीजों के संबंध में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

सारी वार्ड में भी दो बेड

सांस संबंधी गंभीर संक्रमण वाले मरीजों की देखभाल के लिए बनाए गए सारी वार्ड में भी दो बेड स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इससे ऐसे मरीजों को अलग निगरानी और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में उपलब्ध संसाधनों के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्था भी की जा सकती है।

आपदा प्रबंधन के 10 बेड भी रहेंगे उपलब्ध

जिला अस्पताल में पहले से तैयार आपदा प्रबंधन के 10 बेड को भी जरूरत पड़ने पर स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इससे अस्पताल के पास संभावित मरीजों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध रहेगी।

इस व्यवस्था के बाद जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए कुल 15 बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल को पहले से तैयार रखना है।

लक्षणों पर नजर रखने के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षणों को लेकर निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है। मरीजों में तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण सामने आने पर चिकित्सकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

अस्पताल आने वाले मरीजों की स्थिति के आधार पर डॉक्टर यह तय करेंगे कि उन्हें सामान्य उपचार की आवश्यकता है या विशेष निगरानी की। संदिग्ध मरीजों को समय पर पहचानना और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखना तैयारियों का अहम हिस्सा है।

संक्रमण से बचाव पर भी जोर

स्वाइन फ्लू जैसे श्वसन संक्रमण के मामलों में अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में मरीजों की पहचान और उपचार के साथ स्वास्थ्यकर्मियों को भी सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

अस्पताल प्रशासन की ओर से संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने और संदिग्ध मरीजों की जानकारी पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग के अलर्ट के बाद जिला अस्पताल में तैयारियों का मुख्य उद्देश्य संभावित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना और गंभीर मामलों में आवश्यक चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करना है। फिलहाल अस्पताल में 15 बेड की व्यवस्था की गई है, जिसमें इमरजेंसी, सारी वार्ड और आपदा प्रबंधन के बेड शामिल हैं।

अस्पताल प्रशासन मरीजों की संख्या और स्थिति के आधार पर आगे की व्यवस्था की समीक्षा करता रहेगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के बाद अस्पताल प्रशासन ने साफ किया है कि स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की निगरानी और उपचार के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।