Gorakhpur गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में नौकरियों के नाम पर युवतियों को राजस्थान में बेचे जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने गिरोह के चार लोगों को अरेस्ट किया है। पिपराइच पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार खरोबार इलाके में आगरा का एक दंपती रहता है, जो युवतियों को जाल में फांसता था। इसके बाद उनको राजस्थान लाया जाता। यहां युवतियों को बागचंद प्रजापति नामक शख्स के घर में रखा जाता। इसके बाद अविवाहित युवकों से पैसे लेकर युवतियों को उनके हवाले कर दिया जाता था।
पिपराइच इलाके की एक युवती लापता हो गई थी। उसकी मां ने पुलिस को शिकायत दी थी, जिसके बाद पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया। पुलिस ने शिकायत के बाद जब जांच शुरू की तो युवती के उनवला रेलवे स्टेशन पर होने की जानकारी मिली। पुलिस ने मामले में राजस्थान के अजमेर गांधीनगर थाना के सुंदर नगर वार्ड-15 किशनगढ़ निवासी बागचंद प्रजापति, आगरा के ताजगंज थाने के अंतर्गत आते शमशाबाद लोधी मार्ग के रहने वाले सनी सिंह, बानसीदरी थाना इलाके के रहने वाले हरमाड़ा निवासी सरवन पुरी, सनी की पत्नी राधा सिंह को अरेस्ट किया है।
गरीब युवतियां होती थी टारगेट
सनी और उसकी पत्नी राधा किराए के मकान में रहते हैं। मामले में सहजनवां की एक महिला भी शामिल है, जो राधा के साथ मिलकर गरीब युवतियों को टारगेट करती थी। युवतियों को नौकरी के झांसे में लिया जाता था। युवती और उसके परिवार के राजी होने पर गिरोह के दूसरे मेंबर्स एक्टिव हो जाते थे। मामले में महाराजगंज के निचलौल इलाके के रहने वाले युवक की भूमिका भी सामने आई है, जो सनी के साथ युवतियों को लेकर दिल्ली आता था। यहीं से युवतियों को बागचंद के घर लाया जाता। इसके बाद स्थानीय गिरोह से संपर्क कर सौदा तय किया जाता और युवतियों को बेच दिया जाता।
3 आरोपियों का सुराग नहीं
पिपराइच से जो युवती गायब हुई थी, उसे आरोपियों ने सरवनपुरी के रहने वाले व्यक्ति को सौंप दिया था। उस शख्स की उम्र ज्यादा निकली थी, जिससे शादी करने से युवती ने इनकार कर दिया था। इसके बाद युवती किसी तरह वहां से भाग निकली थी। गिरोह के 3 सदस्य फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। इनमें गोरखपुर की एक महिला भी शामिल है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द अरेस्ट कर लेंगे।