उत्तर प्रदेश :  वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शामिल यूपी के कई जिलों में बीएस-6 मानक वाले नए वाहन खरीदने वालों को सरकार की ओर से कई तरह की छूट और प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देना है।
इस योजना का लाभ मेरठ समेत गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली जिले के वाहन मालिकों को मिलेगा। इन जिलों में नए बीएस-6 वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए परिवहन विभाग ने विशेष व्यवस्था की है।
वाहन टैक्स और रजिस्ट्रेशन में बड़ी राहत
योजना के तहत नए बीएस-6 वाहन खरीदने वालों को वाहन कर और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत तक की छूट का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा रोड टैक्स में भी राहत का प्रावधान किया गया है। बताया गया है कि नए बीएस-6 वाहनों पर 10 वर्षों तक रोड टैक्स में 100 प्रतिशत छूट का लाभ मिल सकता है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से वाहन मालिकों को आर्थिक फायदा मिलेगा और सड़कों पर पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम होगी। इससे NCR क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पुराने वाहनों को हटाकर नए वाहन लेने का मौका
परिवहन विभाग की परिवर्तन योजना के तहत पुराने बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी के मालवाहक वाहनों को हटाकर उनकी जगह बीएस-6 डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वाहन मालिक पुराने वाहन को स्क्रैप कराकर नए वाहन खरीद सकते हैं।
सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण कम करना और परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। खासकर NCR क्षेत्र में पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीएस-6 वाहन खरीदने पर अतिरिक्त फायदे
योजना के अंतर्गत बीएस-6 वाहन खरीदने वालों को अन्य लाभ भी दिए जाने की व्यवस्था है। पुराने बीएस-6 वाहनों की खरीद पर मार्ग कर में 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान बताया गया है। वहीं पुराने वाहन को स्क्रैप कराकर नया बीएस-6 वाहन खरीदने पर कुछ बकाया राजस्व में राहत भी दी जा सकती है।
इसके अलावा बीएस-6 वाहनों की खरीद पर पांच प्रतिशत ऋण अनुदान और पांच वर्षों तक ईंधन वाउचर जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। इससे वाहन खरीदने वालों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों को भी बढ़ावा
सरकार ने बीएस-6 वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को एकमुश्त प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था भी शामिल की गई है। यह राशि वाहन की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
परिवहन विभाग का मानना है कि इलेक्ट्रिक और बीएस-6 वाहनों को बढ़ावा देने से प्रदूषण में कमी आएगी और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
वाहन कंपनियां भी देंगी छूट
इस योजना में वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से भी छूट देने की व्यवस्था की गई है। बीएस-6 मानक वाले नए वाहनों की खरीद पर कंपनियों द्वारा 8 प्रतिशत तक की छूट दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
इससे वाहन खरीदने वालों को सरकारी लाभ के साथ-साथ कंपनियों की ओर से भी अतिरिक्त फायदा मिल सकता है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़ा कदम
NCR क्षेत्र में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार पुराने वाहनों को हटाने और नए तकनीक वाले वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। बीएस-6 तकनीक वाले वाहन पुराने वाहनों की तुलना में कम प्रदूषण करते हैं और पर्यावरण के लिए बेहतर माने जाते हैं।
मेरठ समेत यूपी के आठ जिलों में लागू यह योजना वाहन मालिकों के लिए राहत का अवसर लेकर आई है। अब लोगों को उम्मीद है कि इस पहल से उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा और साथ ही क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
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