गोरखपुर। गोरखपुर कैंट-उनौला डबल रेल लाइन की नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते गुरुवार को रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। इसी बीच आनंद विहार-मुजफ्फरपुर गरीब रथ एक्सप्रेस के पांच घंटे विलंब से पहुंचने पर यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने रेलवे स्टेशन पर जमकर हंगामा किया।

जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12212 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर गरीब रथ एक्सप्रेस गुरुवार को अपने निर्धारित समय से काफी देरी से गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन के लंबे इंतजार के बाद बड़ी संख्या में यात्री परेशान हो गए और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया।

पटरियों पर उतरे यात्री

ट्रेन के लगातार लेट होने से नाराज यात्रियों ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच और छह के पास रेल लाइन पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

यात्रियों का कहना था कि उन्हें कई घंटे तक ट्रेन का इंतजार करना पड़ा, लेकिन रेलवे की ओर से देरी को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। लंबे इंतजार और असुविधा के कारण यात्रियों का गुस्सा बढ़ गया।

रेल लाइन पर यात्रियों के उतरने से कुछ समय के लिए स्टेशन पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

RPF ने संभाली स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम मौके पर पहुंची। आरपीएफ जवानों ने यात्रियों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें सुरक्षित तरीके से पटरियों से हटाया।

आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में टीम ने स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को दोबारा कोच में बैठाया गया।

रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

शाम साढ़े पांच बजे रवाना हुई ट्रेन

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, आनंद विहार-मुजफ्फरपुर गरीब रथ ट्रेन दोपहर करीब 12 बजे गोरखपुर पहुंचनी थी, लेकिन देरी के कारण यह काफी देर बाद पहुंची।

यात्रियों के विरोध और अन्य व्यवस्थाओं को पूरा करने के बाद ट्रेन शाम करीब साढ़े पांच बजे गोरखपुर स्टेशन से रवाना हुई।

इस दौरान यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य से प्रभावित रहा संचालन

गोरखपुर कैंट-उनौला डबल रेल लाइन परियोजना के तहत नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य चल रहा है। इसके कारण गुरुवार को कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया था।

रेलवे की ओर से पहले ही कई ट्रेनों के निरस्तीकरण, मार्ग परिवर्तन और देरी की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद लंबी देरी के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।

यात्रियों ने जताई नाराजगी

यात्रियों का कहना था कि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को ट्रेन देरी की वजह से काफी दिक्कत हुई। कई यात्रियों के आगे के कार्यक्रम प्रभावित हुए।

कुछ यात्रियों ने रेलवे से मांग की कि तकनीकी कार्यों के दौरान यात्रियों को समय-समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें परेशानी कम हो।

रेलवे ने यात्रियों से की अपील

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि निर्माण और तकनीकी कार्यों के दौरान ट्रेनों के संचालन में बदलाव होना सामान्य प्रक्रिया है। यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेते रहना चाहिए।

अधिकारियों का कहना है कि नॉन-इंटरलॉकिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य रेल सुरक्षा और बेहतर संचालन के लिए किए जाते हैं।

सुरक्षा को लेकर सतर्क रहा रेलवे

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान रेलवे सुरक्षा बल की भूमिका अहम रही। पटरियों पर यात्रियों के उतरने के बाद सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना थी।

आरपीएफ टीम ने बिना किसी बल प्रयोग के यात्रियों को समझाकर स्थिति सामान्य कराई और ट्रेन को सुरक्षित रवाना कराया।

गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर गरीब रथ के यात्रियों का विरोध नॉन-इंटरलॉकिंग कार्यों के कारण बढ़ी परेशानियों को दिखाता है। रेलवे की ओर से ट्रेनों के संचालन को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।

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