बिजनौर। शिवालाकलां थाना परिसर में गुरुवार देर शाम अचानक कोबरा सांप दिखाई देने से पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई। एक सिपाही की नजर शौचालय के पास बैठे कोबरा पर पड़ी तो उसने तुरंत अन्य पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद थाना प्रभारी और अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा। पुलिस की सूचना पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम थाने पहुंची और काफी सावधानी के साथ कोबरा को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
शिवालाकलां थाना परिसर के पिछले हिस्से में आम का बाग और गन्ने का खेत है। इसी क्षेत्र के पास थाने का शौचालय भी बना हुआ है। आसपास हरियाली और खेत होने के कारण यहां सांप सहित अन्य जीवों के आने की संभावना बनी रहती है। गुरुवार देर शाम भी कुछ ऐसा ही हुआ।
बताया जा रहा है कि शाम के समय एक सिपाही शौचालय की ओर जा रहा था। जैसे ही वह शौचालय के पास पहुंचा, उसकी नजर वहां बैठे एक सांप पर पड़ी। सांप को देखकर सिपाही घबरा गया। ध्यान से देखने पर उसके कोबरा होने की आशंका हुई, जिसके बाद उसने तुरंत शोर मचाकर अन्य पुलिसकर्मियों को सतर्क किया।
आवाज सुनकर थाना प्रभारी त्रिवेन्द्र सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। कोबरा के दिखाई देने के बाद पुलिसकर्मियों ने उससे दूरी बनाए रखी और आसपास मौजूद लोगों को भी वहां जाने से रोका। इसके बाद तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर वन दारोगा मुकुल त्यागी और सुमित कुमार अपनी रेस्क्यू टीम के साथ शिवालाकलां थाना परिसर पहुंचे। टीम ने सबसे पहले उस स्थान का निरीक्षण किया जहां कोबरा बैठा हुआ था। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई।
कोबरा होने के कारण रेस्क्यू टीम ने पूरी सावधानी बरती। टीम के सदस्यों ने आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षित दूरी पर रहने के लिए कहा। कुछ देर के प्रयास के बाद वन विभाग की टीम ने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया।
कोबरा के पकड़े जाने के बाद थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। वन विभाग की टीम सांप को अपने साथ ले गई और बाद में उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान न तो किसी पुलिसकर्मी को नुकसान पहुंचा और न ही सांप को चोट लगी।
थाना परिसर में कोबरा मिलने की घटना की जानकारी पुलिसकर्मियों के बीच तेजी से फैल गई। जिस जगह सांप मिला, वह पुलिसकर्मियों के नियमित आवागमन वाला हिस्सा है। शौचालय होने के कारण दिन और रात में स्टाफ का वहां आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में समय रहते सांप दिखाई पड़ जाने से संभावित खतरा टल गया।
पुलिसकर्मी की सतर्कता के कारण सांप की मौजूदगी की जानकारी समय पर अन्य कर्मचारियों को मिल गई। इसके बाद किसी ने भी कोबरा को खुद पकड़ने या भगाने का प्रयास नहीं किया और सीधे वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। विशेषज्ञ टीम के पहुंचने तक सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखी गई।
थाना परिसर के पीछे आम का बाग और गन्ने का खेत होने के कारण वहां घनी हरियाली है। ऐसे इलाकों में सांपों के छिपने के लिए अनुकूल जगह मिल जाती है। खासकर गन्ने के खेत और झाड़ियों वाले हिस्सों में सांपों की मौजूदगी की संभावना रहती है। माना जा रहा है कि कोबरा इसी आसपास के क्षेत्र से थाना परिसर तक पहुंचा होगा।
हालांकि सांप थाना परिसर में किस दिशा से आया, इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। वन विभाग की टीम ने भी उसे पकड़ने के बाद सुरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ दिया।
कोबरा जहरीले सांपों में शामिल है, इसलिए उसे देखकर पुलिसकर्मियों में डर का माहौल बनना स्वाभाविक था। हालांकि किसी तरह की जल्दबाजी न करते हुए पुलिसकर्मियों ने वन विभाग की मदद लेना उचित समझा। इसी वजह से रेस्क्यू बिना किसी अप्रिय घटना के पूरा हो गया।
वन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले थाना स्टाफ ने उस हिस्से में आवाजाही रोक दी थी। इससे सांप के पास किसी व्यक्ति के पहुंचने की संभावना कम हो गई। रेस्क्यू टीम ने भी मौके पर पहुंचकर पहले स्थिति को समझा और फिर आवश्यक उपकरणों की मदद से कोबरा को सुरक्षित पकड़ा।
घटना के बाद थाना परिसर के पिछले हिस्से और आसपास के क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ा दी गई। आम के बाग, गन्ने के खेत और झाड़ियों के नजदीक होने के कारण पुलिसकर्मियों को आवाजाही के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सांप दिखाई देने पर उससे दूरी बनाकर रखना चाहिए। उसे छेड़ने, पकड़ने या मारने का प्रयास जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसी स्थिति में वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना सुरक्षित तरीका माना जाता है। शिवालाकलां थाना परिसर में भी पुलिसकर्मियों ने यही किया।
गुरुवार देर शाम अचानक हुई इस घटना ने कुछ समय के लिए पूरे थाना परिसर में हलचल पैदा कर दी। पुलिसकर्मी शौचालय की ओर जाने से पहले भी सतर्क हो गए। वन विभाग की टीम द्वारा सांप पकड़ लिए जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई।
वन दारोगा मुकुल त्यागी और सुमित कुमार की टीम ने कोबरा को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित पकड़ने के बाद जंगल में छोड़ दिया। रेस्क्यू पूरा होने के बाद पुलिसकर्मियों ने राहत महसूस की।
फिलहाल इस घटना में किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। समय रहते कोबरा दिखाई देने, पुलिसकर्मियों द्वारा उससे दूरी बनाए रखने और वन विभाग को तत्काल सूचना देने के कारण बड़ा खतरा टल गया। थाना परिसर के पिछले हिस्से में आम के बाग और गन्ने के खेत को देखते हुए पुलिसकर्मियों को अब वहां आवाजाही के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।