गोंडा। जिले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। शासन की ओर से किए गए फेरबदल के तहत गोंडा जिले में तैनात चार उपजिलाधिकारियों (SDM) का गैर जनपद तबादला कर दिया गया है, जबकि जिले को तीन नए एसडीएम मिले हैं। इसके अलावा दो विकास खंडों में नए खंड विकास अधिकारियों (BDO) की भी नियुक्ति की गई है। शासन ने रविवार देर रात एसडीएम स्तर के अधिकारियों के तबादले की सूची जारी की। इसके बाद जिले के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव शुरू हो गया है।
चार SDM को भेजा गया दूसरे जिलों में
तबादला सूची के अनुसार, गोंडा में तैनात अतिरिक्त उप जिलाधिकारी विश्वामित्र सिंह को सिद्धार्थनगर भेजा गया है। वहीं, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट और नगर पालिका परिषद गोंडा के अधिशासी अधिकारी (EO) विशाल कुमार का तबादला सोनभद्र किया गया है। इसके अलावा कर्नलगंज की एसडीएम नेहा मिश्रा को आजमगढ़ और मनकापुर के एसडीएम अवनीश त्रिपाठी को महाराजगंज जिले के लिए स्थानांतरित किया गया है। इन अधिकारियों के तबादले के बाद जिले में एसडीएम स्तर पर नई तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
तीन नए SDM को मिली जिम्मेदारी
गोंडा जिले में तीन नए उपजिलाधिकारियों की तैनाती की गई है। शासन ने इटावा से कुमार सत्यमजीत, बरेली से उदित पंवार और स्थानीय निकाय निदेशालय से सविता शुक्ला को गोंडा भेजा है। नए अधिकारियों की नियुक्ति से जिले के प्रशासनिक कामकाज को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जल्द ही नए अधिकारी अपने-अपने पदों का कार्यभार संभालेंगे।
तरबगंज और कटराबाजार में नए BDO तैनात
एसडीएम स्तर के बदलाव के साथ ही जिले के विकास खंडों में भी फेरबदल किया गया है। तरबगंज ब्लॉक में तैनात बीडीओ मानूलाल यादव को जिला विकास अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। बताया गया है कि वह 31 जुलाई को अपनी सेवाएं पूरी कर सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उनकी जगह सुष्मिता यादव को तरबगंज ब्लॉक का नया बीडीओ नियुक्त किया गया है। वहीं, आकांक्षा सिंह को कटराबाजार ब्लॉक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासनिक कामकाज में आएगा बदलाव
प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले को शासन की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों के बदलाव के बाद जिले में राजस्व, विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों में भी बदलाव देखने को मिलेगा। नए अधिकारियों के सामने जिले की व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने और सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराने की जिम्मेदारी होगी।
गोंडा जिले में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब सभी की नजरें नए अधिकारियों के कार्यभार संभालने और उनकी प्राथमिकताओं पर रहेंगी। प्रशासन को उम्मीद है कि नई तैनातियों से जिले के विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान में तेजी आएगी।