उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ में शनिवार दोपहर एक खजूर पैकिंग गोदाम में भीषण आग लगने से अफरातफरी मच गई। घटना काकोरी क्षेत्र के दुबग्गा स्थित बरावन कलां इलाके की है, जहां यूनिटी कॉलेज के सामने एक तिमंजिला इमारत के बेसमेंट में संचालित खजूर के गोदाम में आग भड़क उठी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई।
जानकारी के अनुसार, दुबग्गा के बरावन कलां में बालागंज निवासी शशांक यादव की तीन मंजिला बिल्डिंग है। इस इमारत के बेसमेंट में हुसैनाबाद निवासी सैय्यद इख्तिखार रजा आब्दी का खजूर पैकिंग का गोदाम संचालित था। शनिवार दोपहर करीब एक बजे गोदाम में लगे सबमीटर के पास अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे चिंगारियां निकलने लगीं। देखते ही देखते वहां रखे कागज के गत्तों ने आग पकड़ ली और आग तेजी से पूरे गोदाम में फैल गई।
घटना के समय गोदाम में तीन लोग मौजूद थे। इनमें काशिफ, मैनेजर मोहम्मद मेहंदी और सदफ शामिल थे। अचानक धुआं उठता देख सभी ने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। आग की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोगों में भी हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।
दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया। आग इतनी भीषण थी कि गोदाम के अंदर रखा सामान पूरी तरह जल गया। गोदाम में रखा डीप फ्रीजर और बड़ी मात्रा में खजूर भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
फायर अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फायर सर्विस ऑफिसर (एफएसओ) चौक पुष्पेंद्र यादव ने बताया कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। गोदाम मालिक घटना के समय लखनऊ से बाहर थे।
उन्होंने बताया कि जिस बेसमेंट में आग लगी, उसके ऊपर तिमंजिला भवन में होटल भी संचालित है। हालांकि आग लगने के समय खजूर गोदाम में पैकिंग का काम बंद था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने बताया कि गोदाम में नाइट्रोजन गैस के सिलेंडर भी रखे हुए थे, जिनकी वजह से स्थिति और गंभीर हो सकती थी, लेकिन समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है। दमकल विभाग यह भी जांच कर रहा है कि गोदाम में अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
इस घटना ने एक बार फिर बेसमेंट में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बेसमेंट में ज्वलनशील सामान रखने वाले गोदामों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होना बेहद जरूरी है। लखनऊ में इससे पहले भी कई जगहों पर आग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके बाद प्रशासन लगातार सुरक्षा मानकों को लेकर निर्देश जारी करता रहा है।