फर्रुखाबाद: तहसील सदर परिसर में आयोजित समाधान दिवस के दौरान फतेहगढ़ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए। मो. हाथीखाना, फतेहगढ़ निवासी तबस्सुम पत्नी शानू खान ने एसपी को संबोधित शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके नाबालिग भाई और पति को बेवजह पीटा, गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि दिनांक 18 जुलाई को सुबह, उसका नाबालिग भाई फिरोज खान, जो कि कक्षा 8 का छात्र है, अपने मित्र अयान के साथ जी.आई.सी. स्कूल से टीसी (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) लेने गया था।

स्कूल गेट के बाहर खड़े फिरोज को सिपाही रामशरन यादव ने पकड़ लिया और उसके हाथ मोड़कर 8-10 थप्पड़ मारे। वहां मौजूद कई लोगों ने यह घटना देखी। इसके बाद सिपाही फिरोज और अयान को पकड़कर कोतवाली फतेहगढ़ ले गया, जहां 112 नंबर की पुलिस को बुलाकर डंडों से बुरी तरह पिटवाया गया।

तबस्सुम ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने अश्लील गालियाँ दीं और ध्यान से मारने, यानी जान से मारने की धमकी भी दी। इस पिटाई में फिरोज और अयान को गंभीर चोटें आई हैं।

जब तबस्सुम को घटना की जानकारी हुई तो वह कोतवाली पहुंची, लेकिन वहां भी उसके साथ गाली-गलौज की गई। आरोप है कि इंस्पेक्टर रणविजय सिंह ने मामले को दबाने की कोशिश करते हुए 112 नंबर के सिपाहियों को भगा दिया और पीड़िता के पति शानू खान को बुलाकर उसके साथ भी दुर्व्यवहार किया।

पीड़िता ने एसपी से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि बिना किसी अपराध के एक नाबालिग छात्र व उसके परिवार के साथ की गई बर्बरता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता ने न्याय न मिलने की स्थिति में उच्च अधिकारियों से लेकर माननीय न्यायालय तक जाने की चेतावनी दी है।

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