Farrukhabad: विकास खंडों की प्रगति असंतोषजनक, डीएम नाराज़

Update: 2025-12-20 05:28 GMT

फर्रुखाबाद: फतेहगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी (District Magistrate) आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आकांक्षात्मक विकास खंड राजेपुर एवं नवाबगंज के लिए निर्धारित विभिन्न इंडिकेटर्स की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य शासन द्वारा तय मानकों के अनुरूप दोनों विकास खंडों की स्थिति का आकलन करना और आवश्यक सुधार के निर्देश देना रहा।

समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव के मामलों में राजेपुर और नवाबगंज दोनों ब्लॉक स्टेट एवरेज से कम पाए गए। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग से जुड़े 14 प्रमुख इंडिकेटर्स में भी दोनों विकास खंड राज्य औसत से पीछे रहे। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि जिन इंडिकेटर्स में प्रगति कमजोर है, उनसे संबंधित अधिकारी स्पष्ट रूप से यह बताएं कि राज्य औसत से पीछे रहने के क्या कारण हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों का अनिवार्य रूप से बीपी और शुगर की जांच कराई जाए।

जिलाधिकारी ने खराब कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि लापरवाही बरतने वाली एएनएम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए और आवश्यकतानुसार उनका वेतन भी रोका जाए। समीक्षा में यह भी सामने आया कि एजुकेशनल इंडिकेटर्स में भी दोनों विकास खंड राज्य औसत से पीछे हैं, जिसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा से जुड़े अधिकारियों को सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में राजेपुर ब्लॉक क्षेत्र में बीएसएनएल द्वारा भारत नेट योजना के तहत केबल न बिछाए जाने का मुद्दा भी उठा। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए भारत सरकार को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए, ताकि डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ी बाधाओं को दूर किया जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, पीडी डीआरडीए, उपकृषि निदेशक सहित स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आकांक्षात्मक विकास खंडों में प्रगति शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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