Blown ट्रांसफॉर्मर बदलवाने को लेकर किसानों का गुस्सा फूटा

Update: 2026-07-15 10:36 GMT

Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर :   जिला पंचायत सभागार में आयोजित किसान दिवस की बैठक बुधवार को उस समय हंगामेदार हो गई, जब किसानों ने बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का आरोप था कि फुंके हुए ट्रांसफॉर्मर बदलने के नाम पर विभागीय कर्मचारी किसानों से अवैध रूप से पैसे की मांग कर रहे हैं। आरोप सामने आते ही किसान नेताओं ने बैठक में जोरदार विरोध दर्ज कराया और अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। बैठक में बिजली, सड़क, जलभराव, सिंचाई और यातायात व्यवस्था जैसे मुद्दे छाए रहे। हालांकि सबसे ज्यादा नाराजगी किसानों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर जताई।

किसानों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खराब हुए ट्रांसफॉर्मरों को बदलने के लिए बिजली विभाग के कुछ कर्मचारी पैसे की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना था कि ट्रांसफॉर्मर बदलना विभाग की जिम्मेदारी है, इसके लिए किसी भी किसान से धनराशि लेना गलत है। इस मामले को लेकर बैठक में मौजूद किसान नेताओं ने अधिकारियों के सामने कड़ा विरोध जताया।

किसान नेता नीरज पहलवान ने कहा कि कोई भी किसान ट्रांसफॉर्मर बदलवाने के नाम पर किसी अधिकारी या कर्मचारी को एक भी रुपया नहीं देगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान से पैसे मांगने की शिकायत सामने आती है तो किसान संगठन इसका विरोध करेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष नवीन राठी ने भी बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कई बार किसान अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास करते हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर समय से ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने मांग की कि बिजली विभाग किसानों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करे और समस्याओं का जल्द समाधान करे।

बैठक में किसानों ने बिजली आपूर्ति में सुधार, खराब ट्रांसफॉर्मरों को जल्द बदलने, ग्रामीण इलाकों की खराब सड़कों की मरम्मत, जलभराव की समस्या से निजात और ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग के दौरान आम लोगों को होने वाली परेशानियों का मुद्दा भी उठाया।

किसानों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ अनियमितता की शिकायत सही पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिला विकास अधिकारी प्रमोद सिरोही, जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता, अधीक्षण अभियंता संजय शर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और किसान संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर खुलकर आवाज उठाई और प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद जताई।

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