बरेली : फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को डराने और उनसे पैसे ऐंठने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह के सदस्यों ने एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) को पुलिस का डर दिखाकर अफीम तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी और उससे रुपये वसूल लिए। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह में शामिल एक आरोपी समाजवादी पार्टी के नेता का रिश्तेदार भी है।

घटना बरेली के कैंट थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार इज्जतनगर निवासी एमआर पुष्पेंद्र किसी काम से बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उनकी तलाशी लेने की बात कही। जब एमआर ने पहचान पत्र दिखाने को कहा तो आरोपियों ने बहाने बनाकर अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया।
आरोपियों ने पीड़ित को लाल फाटक पुल के नीचे ले जाकर डराना शुरू कर दिया। उन्होंने धमकी दी कि उसके खिलाफ अफीम तस्करी का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया जाएगा। इसके बाद आरोपियों ने मामला रफा-दफा करने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की। डर के कारण पीड़ित के पास मौजूद पांच हजार रुपये आरोपियों ने छीन लिए और मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने घटना के बाद आसपास जानकारी जुटाई और पुलिस को शिकायत दी। जांच में आरोपियों की पहचान उमरसिया निवासी कमल वर्मा, हेमंत, चनेहटी निवासी रोहित साहू और कांधरपुर निवासी अभिषेक कश्यप के रूप में हुई। पुलिस ने दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूट की रकम और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी अभिषेक कश्यप गिरोह का मुख्य सदस्य है और वह सपा नेता का रिश्तेदार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने प्रभाव और पहचान का इस्तेमाल कर लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश करते थे। गिरोह के सदस्य नशे के बाद रात में घूमकर ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जिन्हें आसानी से डराया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने इससे पहले कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और इनके साथ अन्य लोग भी जुड़े हैं या नहीं। इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बताई है। पुलिस ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति खुद को अधिकारी या पुलिसकर्मी बताकर तलाशी या कार्रवाई की धमकी देता है तो तुरंत संबंधित थाने में सूचना दें और बिना जांच के किसी को पैसे न दें।

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