Ayodhya.अयोध्या। लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी। यह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि साहस का पर्याय बन चुका है। देश की सुरक्षा में तैनात लेफ्टिनेंट ने अपने साथी सैनिक की जान बचाने के लिए जो सर्वोच्च बलिदान दिया है, उससे रामनगरी गौरवान्वित है। हालांकि, शशांक के रूप में अपने वीर सपूत को खोकर रामनगरी शोकाकुल है। उनकी बहादुरी और समर्पण की चर्चा हर जगह हो रही है।


Tags: