मुजफ्फरनगर: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने पूर्व सांसद कादिर राना और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों पर छापेमारी कर नकदी, दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।

ED की लखनऊ जोनल टीम ने मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और हरियाणा के फरीदाबाद समेत कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई। एजेंसी का फोकस कथित फर्जी कंपनियों, फर्जी बिलों और इनपुट टैक्स क्रेडिट के गलत इस्तेमाल से जुड़े नेटवर्क की जांच करना है।
छापेमारी में करोड़ों के लेनदेन की जांच
जांच एजेंसी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान करीब 2 करोड़ रुपये की नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने की जानकारी सामने आई है। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित अवैध लेनदेन में किन लोगों और कंपनियों की भूमिका रही। ED की जांच फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए बिना वास्तविक माल की खरीद-बिक्री दिखाकर ITC का लाभ लेने के आरोपों से जुड़ी है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कथित रूप से हासिल रकम का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया और इससे जुड़े वास्तविक लाभार्थी कौन हैं।
राणा हाउस समेत कई ठिकानों पर कार्रवाई
मुजफ्फरनगर स्थित राणा हाउस समेत कई परिसरों पर ED की टीमों ने तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी तैनात रहे। अधिकारियों ने कई घंटे तक दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच की। इसके अलावा राणा परिवार से जुड़े कारोबारी प्रतिष्ठानों और अन्य लोगों के ठिकानों पर भी जांच की गई। जांच एजेंसी कथित फर्जी कंपनियों और कारोबारी नेटवर्क के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है।
फर्जी ITC नेटवर्क पर ED की नजर
जांच में कथित तौर पर करीब 9.63 करोड़ रुपये के ITC का गलत तरीके से लाभ लेने और करीब 10.28 करोड़ रुपये के ITC को आगे ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई है। ED अब इसी वित्तीय नेटवर्क को खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं। एजेंसी को आशंका है कि कुछ कंपनियों और संस्थाओं के जरिए पैसों को इधर-उधर किया गया। ऐसे में बैंक खातों, संपत्ति दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
ED अधिकारियों ने अभी तक पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है। फिलहाल छापेमारी में मिले दस्तावेजों और अन्य सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच के आधार पर आगे पूछताछ और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब फर्जी GST बिलिंग और ITC घोटालों पर जांच एजेंसियां लगातार शिकंजा कस रही हैं। ED का उद्देश्य कथित अवैध धन के स्रोत और उसके इस्तेमाल का पता लगाना है।
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