ड्राइविंग लाइसेंस बना कमाई का जरिया, नियमों की उड़ रही धज्जियां

Update: 2025-06-27 11:44 GMT
Aligarh अलीगढ़ : अलीगढ़ संभागीय परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनाने की जो भी प्रक्रिया हो लेकिन दफ्तर के बाहर जमे रहने वाले दलाल बगैर किसी ड्राइविंग टेस्ट के डीएल बनवाने का दावा करते हैं।
लाइसेंस बनवाने की फीस भले ही 1350 रुपये है लेकिन यह लोग 6000 रुपये लेकर बिना आरटीओ दफ्तर आए लाइसेंस बनवाने का दावा करते हैं। इनका कहना होता है कि आपको तो बस एक बार फोटो खिंचवाने के लिए आना होगा। चार से पांच दिन में लाइसेंस मिल जाएगा। ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर आने वाली शिकायतों को परखने के लिए बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने सारसौल स्थित आरटीओ कार्यालय के पास पहुंची।
यहां कई लोग ऐसे मिले जो बगैर किसी दौड़भाग के डीएल बनवाने का दावा कर रहे थे। हमारे रिपोर्टर ने भी एक दलाल से नोएडा में नौकरी कर रही बेटी के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की बात की। दलाल ने कहा लर्निंग है। हमने कहा नहीं। इसके बाद दलाल ने एक हजार रुपये में लर्निंग लाइसेंस बनाने की बात कही। कहा यहां आने की भी जरूरत नहीं। इसके एक महीने बाद परमानेंट लाइसेंस बनेगा।
इसके लिए टेस्ट भी देना होगा। हमने कहा टेस्ट जरूरी है क्या? एजेंट ने कहा अलग से पैसा देंगे तो इससे छुटकारा मिल जाएगा। कुल पांच हजार रुपये लगेंगे टेस्ट भी नहीं देना होगा। केवल फोटो खिंचाने के लिए एक दिन आना होगा। आरटीओ कार्यालय के बाहर लाइसेंस और अन्य कार्यों में बाहरी व्यक्तियों का दखल गंभीर विषय है। इस तरह की शिकायतें मिली हैं। इनकी गहराई से जांच कराई जाएगी, जो भी इसके लिए जिम्मेदार है, जवाब मांगा जाएगा और ऐसी गतिविधियों पर लगाम लगाई जाएगी।
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