इटावा में लाइनपार क्षेत्र के 12 वार्डों में शुरू होगा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, MRF सेंटर तैयार
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: नगर के लाइनपार क्षेत्र के 12 वार्डों में जल्द ही डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की शुरुआत होने जा रही है। नगर पालिका परिषद के अनुसार, इन वार्डों की कुल आबादी लगभग एक लाख है। कूड़ा उठान की इस नई योजना के तहत प्रत्येक घर से कूड़ा नियमित रूप से एकत्र किया जाएगा।
इस क्षेत्र में नया एमआरएफ (मेकैनिकली रिकवरी फ़ैसिलिटी) सेंटर बनकर तैयार हो चुका है। नगर पालिका परिषद ने इन वार्डों के लिए कुल 20 कूड़ा वाहन मंगवाए हैं, जिनमें से 12 वाहन सीधे इन वार्डों में भेजे जाएंगे। इन वाहनों के जरिए डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह शुरू होने से पहले एमआरएफ सेंटर पूरी तरह से परिचालन के लिए तैयार रहेगा।
नगर पालिका परिषद ने बताया कि एमआरएफ सेंटर में जमा किए गए कूड़े को खाद के रूप में संसाधित किया जाता है। हाल ही में परिषद ने अपने एमआरएफ सेंटरों से तैयार हुए कूड़ा खाद को करीब एक लाख रुपये की राशि में बेचने की सफलता हासिल की है। यह कदम नगर में कचरा प्रबंधन और रीसाइक्लिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
नगर पालिका परिषद के अधिकारियों ने बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह योजना के लागू होने से शहर की स्वच्छता में सुधार होगा और गंदगी फैलने की समस्या कम होगी। इसके अलावा, यह योजना कूड़ा प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ाएगी। एमआरएफ सेंटर में कूड़ा खाद बनाने की प्रक्रिया से नगर में जैविक कचरे के पुनर्चक्रण की दिशा में भी मदद मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह से पहले क्षेत्रवासियों को इस योजना के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। इसके तहत प्रत्येक वार्ड में अलग-अलग समय पर कूड़ा उठाने की व्यवस्था की जाएगी ताकि सभी घरों से कूड़ा नियमित रूप से एकत्र किया जा सके।
नगर पालिका परिषद ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों से कचरे को निर्धारित समय पर ही बाहर निकालें और इसे सही ढंग से अलग करें। जैविक और गैर-जैविक कचरे को अलग-अलग रखने से एमआरएफ सेंटर में कूड़े की प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
इस योजना के तहत, नगर के सफाई कर्मचारियों और वाहन चालक दल को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि कूड़ा संग्रहण और परिवहन प्रक्रिया सुरक्षित और सुव्यवस्थित हो। अधिकारी यह भी आश्वस्त कर रहे हैं कि योजना के संचालन में किसी तरह की कोई व्यवधान नहीं आएगा और नगरवासियों को नियमित और बेहतर सेवा उपलब्ध होगी।
इस तरह की पहल से इटावा नगर निगम की सफाई और कचरा प्रबंधन में नई मिसाल कायम होने की उम्मीद है। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह और एमआरएफ सेंटर की शुरुआत से नगरवासियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिलेगा, और कचरा प्रबंधन में पारंपरिक समस्याओं का समाधान संभव होगा।