एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्वाइन फ्लू संक्रमण के बीच एक डॉक्टर की मौत का मामला सामने आया है। एटा निवासी डॉक्टर स्वाइन फ्लू से संक्रमित थे। इलाज के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आ गया, जिसके बाद आगरा के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। डॉक्टर की मौत की सूचना मिलते ही एटा का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने एहतियात के तौर पर संक्रमित मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले के रहने वाले डॉक्टर की तबीयत खराब होने के बाद जांच कराई गई थी, जिसमें स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उपचार के दौरान अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
डॉक्टर की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है। विभाग की टीम ने संक्रमित डॉक्टर के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इसके अलावा जिले में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मामलों पर भी नजर रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक संदिग्ध स्वाइन फ्लू संक्रमित बुजुर्ग के घर भी टीम भेजी गई। टीम ने बुजुर्ग के परिवार के सभी सदस्यों की जांच की। जांच के दौरान परिवार के किसी अन्य सदस्य में संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस लेते हुए परिवार को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जिले में स्वाइन फ्लू के दो संदिग्ध और एक कन्फर्म मरीज की निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार इन मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रही हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि बदलते मौसम में वायरल संक्रमण तेजी से फैल सकता है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और इलाज की व्यवस्था को लेकर तैयारियां रखने को कहा गया है। इसके साथ ही लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाइन फ्लू एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। समय पर इलाज मिलने पर अधिकांश मरीज ठीक हो जाते हैं, लेकिन बुजुर्गों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों में खतरा बढ़ सकता है।
एटा में डॉक्टर की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और तेज कर दी है। विभाग की टीमें संदिग्ध मरीजों और उनके संपर्क में आए लोगों पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिले में संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है।