पालतू बिल्ली को लेकर पति पत्नी में बढ़ा विवाद नवविवाहिता ने छोड़ा ससुराल
पर मचा बवाल मायके पहुंची विवाहिता
शामली : शादी के महज दो महीने बाद पति-पत्नी के बीच पालतू बिल्ली को लेकर ऐसा विवाद हुआ कि मामला परिवार के बिखरने तक पहुंच गया। विवाहिता ने पति के सामने साफ शर्त रख दी कि घर में या तो पालतू बिल्ली रहेगी या वह। पति ने बिल्ली को घर से हटाने से इनकार किया तो नाराज पत्नी ससुराल छोड़कर मायके चली गई। अब दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि युवक को पहले से ही जानवरों से काफी लगाव था और उसने अपने घर में एक बिल्ली पाल रखी थी। शादी के बाद पत्नी ससुराल पहुंची तो शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद पालतू बिल्ली को लेकर दोनों के बीच मतभेद शुरू हो गए। पत्नी को घर में बिल्ली का रहना पसंद नहीं था, जबकि पति उसे परिवार के सदस्य की तरह मानता था। धीरे-धीरे यही मतभेद विवाद में बदल गया। विवाहिता ने पति से कई बार बिल्ली को घर से बाहर करने के लिए कहा, लेकिन पति इसके लिए तैयार नहीं हुआ। पति का कहना था कि वह काफी समय से बिल्ली की देखभाल कर रहा है और उसे अचानक छोड़ नहीं सकता।
दूसरी तरफ विवाहिता ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया। उसने कहा कि वह बिल्ली के साथ एक ही घर में नहीं रह सकती। आखिरकार उसने पति के सामने कथित तौर पर शर्त रख दी कि घर में दोनों में से किसी एक को चुनना होगा। जब पति ने बिल्ली को हटाने की बात नहीं मानी तो विवाहिता अपना सामान लेकर मायके चली गई। शादी को अभी केवल दो महीने ही हुए थे, इसलिए परिवार के लोग भी इस विवाद से हैरान रह गए। दोनों परिवारों ने पति-पत्नी को समझाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में कोई समाधान नहीं निकल सका। मामूली दिखाई देने वाला विवाद अब वैवाहिक रिश्ते में बड़ी दूरी की वजह बन गया है।
मामले में दोनों पक्षों की बात सुनकर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। पत्नी जहां घर में बिल्ली नहीं रखने की मांग पर अड़ी बताई जा रही है, वहीं पति अपने पालतू जानवर को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में परिवार के सदस्य दोनों को आपसी सहमति से बीच का रास्ता निकालने की सलाह दे रहे हैं।
पालतू जानवरों को लेकर पति-पत्नी के बीच पसंद और नापसंद अलग-अलग होना असामान्य नहीं है। कई बार शादी से पहले ऐसी छोटी लगने वाली बातों पर चर्चा नहीं होती और बाद में यही मुद्दे विवाद का कारण बन जाते हैं। खासतौर पर जब कोई व्यक्ति अपने पालतू जानवर से भावनात्मक रूप से जुड़ा हो तो उसे घर से हटाने का फैसला आसान नहीं होता। वहीं दूसरे व्यक्ति की सुविधा, डर, एलर्जी या व्यक्तिगत पसंद भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में बातचीत और आपसी सहमति से समाधान निकालना रिश्ते के लिए बेहतर माना जाता है।
फिलहाल शादी के महज दो महीने बाद सामने आया यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों परिवार चाहते हैं कि पति-पत्नी के बीच विवाद खत्म हो और विवाहिता वापस ससुराल लौटे। अब देखना होगा कि पालतू बिल्ली को लेकर शुरू हुआ यह विवाद समझौते से खत्म होता है या दोनों के रिश्ते में दूरी और बढ़ती है।