Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : पुरकाजी क्षेत्र में शेरपुर खादर-लक्सर रोड स्थित रामनगर नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चल रहा दो दिवसीय धरना रविवार को समाप्त हो गया। अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद आंदोलनकारियों ने धरना जारी रखा था। बाद में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत कर पुल निर्माण का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
धरने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और क्षेत्रीय लोगों ने रामनगर नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों का कहना था कि पुल नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को परेशानी होती है। खासकर किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने और कृषि कार्यों के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
धरना स्थल पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने आंदोलनकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि रामनगर नदी पर स्थायी पुल निर्माण के लिए सरकार गंभीर है। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा जा चुका है। प्रस्तावित पुल के निर्माण में करीब 35 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
मंत्री ने कहा कि स्थायी पुल निर्माण की प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है, लेकिन क्षेत्र के लोगों की तत्काल समस्या को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर किसानों और ग्रामीणों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए पहले अस्थायी लोहे का पुल बनवाया जाएगा। इससे ट्रैक्टर, बुग्गी और अन्य वाहनों का आवागमन सुचारू हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि बरसात के बाद स्थायी पुल निर्माण की प्रक्रिया को गति दी जाएगी और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्य शुरू कराने के प्रयास किए जाएंगे। मंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
इस मौके पर भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से रामनगर नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रही है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बरसात के बाद भी पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ तो इसका राजनीतिक असर आगामी चुनाव में देखने को मिलेगा।
मोहन प्रजापति ने कहा कि पुल निर्माण केवल एक सड़क सुविधा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हजारों ग्रामीणों, किसानों और स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ा हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार अपने वादे को पूरा करेगी और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण, संगठन के पदाधिकारी और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे। लोगों ने मंत्री के आश्वासन के बाद राहत महसूस की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अब उनकी नजर सरकार की ओर से होने वाली वास्तविक कार्रवाई पर रहेगी। क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्थायी पुल बनने से शेरपुर खादर, लक्सर रोड और आसपास के गांवों के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी तथा आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।