Inauguration, के बाद ही एक्सप्रेसवे में खामियां, तकनीकी जांच में जुटी टीम

Update: 2026-07-12 09:48 GMT

Saharanpur सहारनपुर : सहारनपुर, 12 जुलाई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसी वर्ष 14 अप्रैल को सहारनपुर में लोकार्पित किए गए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के महज तीन महीने के भीतर ही कई तकनीकी खामियां सामने आने लगी हैं। बारिश के बाद सड़क की स्थिति खराब होने और जगह-जगह नुकसान की शिकायतों को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गंभीरता से लिया है।

मानसून की शुरुआत के बाद पिछले करीब दस दिनों में एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों से समस्याएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि कई जगहों पर सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनकी चौड़ाई करीब दो फीट तक बताई जा रही है। इसके अलावा कई हिस्सों में सड़क के किनारों पर कटाव, रैंप में दरारें और सर्विस रोड पर जलभराव जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं।

बारिश के कारण मिट्टी कटान और पानी भरने से एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में आवागमन प्रभावित हो रहा है। सड़क किनारे क्षतिग्रस्त होने से हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर लोगों और वाहन चालकों ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे में आई खामियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस जांच टीम में एनएचएआई और संबंधित प्राधिकरण के अधिकारी शामिल होंगे। टीम एक्सप्रेसवे की तकनीकी स्थिति, निर्माण गुणवत्ता और बारिश के बाद आई समस्याओं की विस्तृत जांच करेगी।

परियोजना निदेशक ने बताया कि एसआईटी सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट जल्द सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।

वहीं, एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि तेज रफ्तार से वाहन चलाने के बावजूद कई स्थानों पर सुरक्षा संकेतक और ब्लैक स्पॉट की पहचान पर्याप्त रूप से नहीं की गई है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।

बताया जा रहा है कि दिल्ली से देहरादून के बीच कई वाहन चालक एक्सप्रेसवे पर करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ा रहे हैं। इससे जहां यात्रा का समय घटकर लगभग ढाई घंटे रह गया है, वहीं तेज रफ्तार हादसों का कारण भी बन रही है।

हाल ही में सहारनपुर के थाना रामपुर मनिहारान क्षेत्र में तेज रफ्तार और ओवरटेक के दौरान हुए हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

इसके अलावा बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र में वन्यजीव गलियारे के पास पहाड़ों का मलबा गिरने से एक्सप्रेसवे की कई लेन को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था। इससे भी मार्ग की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठे।

फिलहाल एनएचएआई की जांच टीम एक्सप्रेसवे की खामियों का पता लगाने में जुटी है। अब सभी की नजर एसआईटी की रिपोर्ट पर है, जिसके बाद एक्सप्रेसवे की मरम्मत और सुरक्षा सुधारों को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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