मेरठ न्यूज़: सरकारी अफसर दीपावली की छुट्टी में मस्त है। अब छुट्टी के बाद अफसर शुक्रवार से आॅफिस लौटेंगे। इसके बाद ही सड़कों के गड्ढे भरने की बारी आएगी। यह भी महत्वपूर्ण है कि अभी तक गड्ढों को नहीं भरा गया है। सरकारी अधिकारी दीपावली की छुट्टी मना रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश है कि 15 नवंबर तक हर सूरत में सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए। मुख्यमंत्री की डेडलाइन नजदीक आ गई है, लेकिन हालत यह है कि अभी तक सड़कों के गड्ढे भरने का काम नहीं तो नगर निगम ने आरंभ किया है और नहीं पीडब्ल्यूडी ने। दोनों बड़े विभाग हैं, जिनकी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। शहर में ज्यादातर सड़कें नगर निगम की है, जिनको गड्ढा मुक्त करने की दिशा में अभी तक कोई कदम नगर निगम के अधिकारियों ने नहीं उठाए हैं। पहले कहा गया था कि दीपावली से पहले भर दिये जाएंगे, लेकिन नहीं भरा गया। बारिश के बाद शहर की ज्यादातर सड़कों में गड्ढे बन गए हैं। उन पर चलना भी दुश्वार है। अब नगर निगम के पास त्योहार बीतने के बाद 15 दिन का समय है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री द्वारा दी गई डेडलाइन के अनुसार नगर निगम सड़कों के गड्ढे भर पाता है या फिर नहीं? इसी तरह से पीडब्ल्यूडी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का काम अभी तक चालू नहीं किया गया। पीडब्ल्यूडी की सड़कों की हालत खराब है। ज्यादातर सड़कें खराब होने के कारण लोगों को परेशानी तो हो रही है, साथ ही दुर्घटना ग्रस्त भी लोगों को होना पड़ रहा है। हल्की सर्दी की शुरुआत हो गई है। ऐसे में कोहरा भी पड़ सकता है, जिसके चलते रात्रि में क्षतिग्रस्त सड़कों पर सफर करने वालों के लिए दुर्घटनाएं भी हो सकती है। इसके लिए जवाबदेही पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की होगी।

पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने त्योहार से पहले एक भी सड़क को गड्ढा मुक्त नहीं किया है। अब त्योहार की कई दिनों की छुट्टी के बाद शुक्रवार को अधिकारी आॅफिस लौट रहे हैं तो इसके बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का काम चलेगा। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री ने जो डेडलाइन 15 नवंबर की दी है, उससे पहले ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में कामयाब होते हैं या फिर नहीं , यह देखना बाकी हैं।

अफसर गंभीरता दिखाये: रजनीश

मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश कौशल का कहना है कि शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों को सड़क पर उतरना चाहिए। क्योंकि आगे कोहरा पड़ने की संभावनाएं बढ़ गई हैं, जिसके बाद दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

मुख्यमंत्री का आदेश था कि 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया जाएगा, लगता है सीएम के आदेश को अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, तभी तो अभी तक सड़कों को गड्ढों मुक्त करने की दिशा में कोई काम शहर में नहीं हुआ हैं।

जनता में हो रही सरकार की छवि खराब: अंकुर बंसल

आटो मोर्टस व्यापारी नेता अंकुर बंसल का कहना है कि शहर की सड़कों की हालत बारिश के बाद से खराब हैं। इन सड़कों से सरकार की छवि धूमिल हो रही हैं। अफसरों की लापरवाही के चलते सरकार की छवि जनता के बीच में खराब हो रही हैं। मुख्यमंत्री के आदेश है कि 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए, लेकिन यहां तो अभी अफसरों ने गड्ढों को भरने की दिशा में प्रयास भी आरंभ नहीं किये हैं। अफसरों को चाहिए कि छुट्टी से लौटने के बाद शहर की सड़कों सुधारने की दिशा में काम करें, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

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