राज्यस्तरीय गोष्ठी में सीएसए वैज्ञानिक ने दी सूरजमुखी खेती की जानकारी
वैज्ञानिक ने दी सूरजमुखी खेती की जानकारी
राज्यस्तरीय गोष्ठी में सीएसए के वैज्ञानिकों ने भी एनआईसी के माध्यम से शिरकत की। विवि के तिलहन वैज्ञानिक डॉ. महक सिंह ने बताया कि सूरजमुखी को रबी व जायद दोनों मौसम में उगाया जाता है। इसमें 40 से 45 फीसदी तक प्रोटीन पाया जाता है। यह फसल मई के अंत या जून के प्रथम सप्ताह तक पककर तैयार हो जाती है। उन्होंने कीट प्रबंधन व सिंचाई के बारे में जानकारी दी। कहा, सही ढंग से खेती की जाए तो सामान्य प्रजातियों से 12 से 15 कुंतल प्रति हेक्टेयर व शंकर प्रजातियों से 20 से 25 कुंतल प्रति हेक्टेयर उत्पादन हो जाता है। इस मौके पर प्रदेश के अन्य वैज्ञानिकों ने भी तकनीकी जानकारी दी।