Environmental संरक्षण पर सीएम योगी का जोर, बोले- पेड़ ही बचाएंगे भविष्य

Update: 2026-07-12 11:09 GMT

Gorakhpur गोरखपुर :  गोरखपुर, 12 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत गोरखपुर में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि वृक्ष केवल हरियाली का माध्यम नहीं हैं, बल्कि जल संरक्षण और जीवन के आधार भी हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरकेबीके के समीप ताल रिंग रोड के किनारे मौलश्री का पौधा लगाया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक वृक्ष अपने भीतर हजारों लीटर जल को अवशोषित करके सुरक्षित रखता है। उन्होंने कहा कि नदियां उन्हीं क्षेत्रों में सदानीरा रहती हैं, जहां वन और अधिक संख्या में वृक्ष मौजूद होते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि यदि पेड़ों की अंधाधुंध कटान जारी रही तो आने वाले समय में जल संकट और खाद्यान्न संकट जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण असंतुलन के कारण वर्षा चक्र में बदलाव आ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव किसानों और कृषि व्यवस्था पर पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से पेयजल संकट और सूखे जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़कर पौधारोपण करना चाहिए और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी करनी चाहिए।

सीएम योगी ने बताया कि इस वर्ष सरकार ने एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य बड़ा जरूर है, लेकिन उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में यह संभव है, क्योंकि प्रदेश में 57 लाख से अधिक नर्सरियां मौजूद हैं। इन नर्सरियों के माध्यम से विभिन्न प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पौधरोपण महाभियान के तहत औषधीय, फलदार, छायादार और इमारती प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार लगातार हर वर्ष बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चला रही है और लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए भी प्रभावी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधों के संरक्षण के प्रयासों का परिणाम अब दिखाई देने लगा है। विभिन्न सर्वेक्षणों में प्रदेश में वन क्षेत्र और हरित क्षेत्र के विस्तार के संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना भारतीय संस्कृति की विशेष पहचान रही है।

उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर पौधारोपण करके हम न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और सुरक्षित भविष्य का निर्माण भी कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि पौधा लगाना केवल एक अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि इसे जीवन का हिस्सा बनाया जाए।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।

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