UP में रोजगार व्यवस्था में बदलाव, मजदूरों को बढ़ी हुई मजदूरी का लाभ

बड़ा बदलाव लागू हो गया है।

Update: 2026-07-01 13:48 GMT

Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश की ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में 1 जुलाई 2026 से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को अब सालाना 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी।प्रदेश सरकार के अनुसार यह नया ढांचा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार बढ़ाने और गांवों में स्थायी विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश, जहां बड़ी ग्रामीण आबादी निवास करती है, वहां लाखों परिवार अब तक मनरेगा पर निर्भर रहे हैं।

नई योजना के तहत प्रदेश के पात्र ग्रामीण मजदूरों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। साथ ही मजदूरी दर को बढ़ाकर न्यूनतम 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय औसत मजदूरी भी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.40 रुपये प्रतिदिन हो गई है। राज्य सरकार ने इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव जियोस्पेशियल प्लानिंग को लेकर किया गया है। अब गांवों में विकास कार्यों की योजना सैटेलाइट डेटा, भूमि रिकॉर्ड और बुनियादी ढांचे की जरूरतों के आधार पर तैयार की जाएगी। पहले जहां मांग आधारित काम होते थे, अब वैज्ञानिक और डिजिटल तरीके से योजना बनाकर कार्य तय किए जाएंगे।

जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट इमेजरी और डिजिटल टूल्स के माध्यम से विकास कार्यों की निगरानी भी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता में सुधार का दावा किया गया है। नई योजना के तहत सड़क निर्माण, सिंचाई, जल संरक्षण और सामुदायिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।सरकार का कहना है कि विभिन्न योजनाओं को एकीकृत कर लागू करने से दोहराव रुकेगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। इससे ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई गई है।

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