अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में प्रेम विवाह को लेकर दो पक्षों के बीच चली आ रही रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। पखरौला हाशमपुर गांव में शनिवार को हुए विवाद के दौरान एक व्यक्ति पर कथित तौर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल संजय कुमार की रविवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव जोया रोड पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस अधिकारियों के कार्रवाई का भरोसा देने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संजय कुमार की बेटी वर्ष 2025 में गांव के ही मुख्तार अली के साथ चली गई थी। संजय ने बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया था, लेकिन युवती ने अपने बयान में मुख्तार के साथ प्रेम विवाह करने की जानकारी दी। युवती के बयान के आधार पर संबंधित मामला बंद कर दिया गया। इसके बाद वह मुख्तार के साथ रहने लगी। बताया जा रहा है कि इसी घटनाक्रम को लेकर दोनों परिवारों के बीच तनाव और रंजिश बनी हुई थी।
शनिवार दोपहर मुख्तार का जीजा इमरान, जो बुलंदशहर जिले के खुर्जा थाना क्षेत्र के फरखना गांव का निवासी बताया गया है, संजय के घर के सामने से गुजर रहा था। आरोप है कि इस दौरान उसने कोई टिप्पणी कर दी, जिसका संजय और उनकी पत्नी सुमन ने विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। परिजनों का आरोप है कि इमरान धमकी देकर वहां से चला गया। विवाद होते देखकर आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए।
करीब एक घंटे बाद संजय, उनकी पत्नी सुमन और भतीजा सुनील शिकायत लेकर मुख्तार के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां दोनों पक्षों के बीच फिर विवाद शुरू हो गया। मामला बढ़ने पर मुख्तार और उसके परिवार के सदस्यों ने कथित रूप से संजय पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में संजय गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के लोग उन्हें उपचार के लिए एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। बताया गया है कि घटना के तुरंत बाद पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई थी।
रविवार सुबह संजय की हालत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की जानकारी मिलते ही परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने दूसरे पक्ष पर संजय की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी बल के साथ गांव पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति नियंत्रित की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। पुलिस के मुताबिक, परिजनों की शिकायत पर मुख्तार, जुल्फिकार, इस्तेकार, जब्बार अली और इमरान के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, शनिवार को विवाद के बाद गांव के कुछ लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया था। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया और दूसरे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई। आक्रोशित लोगों ने संजय का शव जोया रोड पर रखकर यातायात रोक दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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