वाराणसी: काशी राजपरिवार से जुड़े एक हाथी ने खाना नहीं मिलने पर अचानक अपना स्वभाव बदल लिया और बेड़ियां तोड़कर पास के तालाब में जा उतरा। घटना के बाद वहां मौजूद कर्मचारियों और देखरेख करने वालों में हड़कंप मच गया। हाथी को बाहर निकालने के लिए घंटों तक मान-मनौव्वल करनी पड़ी। हाथी को समय पर भोजन नहीं मिल पाया था, जिसके बाद वह बेचैन हो गया। कुछ देर बाद उसने बंधी हुई बेड़ियों को तोड़ दिया और परिसर से निकलकर तालाब की ओर चला गया। तालाब में उतरने के बाद उसे वापस लाने की कोशिश शुरू की गई, लेकिन हाथी काफी देर तक बाहर आने के लिए तैयार नहीं हुआ।

घंटों चला मनाने का दौर

हाथी के तालाब में उतरने की खबर मिलते ही उसकी देखभाल करने वाले महावत और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उसे आवाज देकर और पसंदीदा भोजन दिखाकर बाहर बुलाने की कोशिश की गई। कई प्रयासों के बावजूद हाथी काफी देर तक पानी में ही खड़ा रहा। बताया जा रहा है कि महावतों ने शांत तरीके से उसे संभालने की कोशिश की, ताकि वह घबराए नहीं और किसी तरह की दुर्घटना न हो। घंटों की मशक्कत और मान-मनौव्वल के बाद हाथी को नियंत्रित किया जा सका।

देखने वालों की जुटी भीड़
हाथी के अचानक बेड़ियां तोड़कर तालाब में उतरने की घटना आसपास के लोगों के लिए भी कौतूहल का विषय बन गई। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। कर्मचारियों ने लोगों को हाथी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। हाथी के व्यवहार को देखते हुए किसी को भी उसके बहुत करीब जाने नहीं दिया गया। महावतों और देखरेख करने वाली टीम ने पूरे मामले को संभाला।
भोजन न मिलने से हुआ बेचैन
हाथियों की देखभाल में उनके भोजन और दिनचर्या का विशेष ध्यान रखा जाता है। समय पर भोजन नहीं मिलने या दिनचर्या में बदलाव होने पर उनके व्यवहार में बदलाव देखा जा सकता है। इस घटना में भी हाथी के नाराज होने की वजह भोजन नहीं मिलना बताया जा रहा है। घटना के दौरान सबसे बड़ी राहत यह रही कि किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान
घटना के बाद हाथी की सुरक्षा और उसके रखरखाव की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया। कर्मचारियों ने बेड़ियों और आसपास की व्यवस्था की जांच की, ताकि आगे ऐसी स्थिति पैदा न हो। फिलहाल हाथी को शांत कर दिया गया है और उसकी देखभाल की जा रही है। घटना की चर्चा वाराणसी में तेजी से हो रही है।
Tags: