UP में स्वरोजगार को बढ़ावा मोबाइल रिपेयर समेत कई ट्रेड में मिलेगा बड़ा फायदा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार अब युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए **विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2** के तहत कई नई सुविधाएं देने जा रही है। इस योजना के अंतर्गत मोबाइल रिपेयरिंग, बिजली मिस्त्री, ऑटोमोबाइल मरम्मत समेत 14 नए ट्रेड को शामिल किया गया है। पात्र लाभार्थियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ अपना काम शुरू करने के लिए **10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और बिना गारंटी ऋण** उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य छोटे कारोबार को बढ़ावा देना और बेरोजगार युवाओं को रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। योजना के तहत वित्तीय सहायता के साथ टूल किट और मार्जिन मनी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
14 नए ट्रेड को योजना में किया गया शामिल
उत्तर प्रदेश सरकार ने बदलते समय और बाजार की जरूरतों को देखते हुए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2 में आधुनिक ट्रेड को भी जोड़ा है। अब युवाओं को ऐसे कामों के लिए मदद मिलेगी, जिनकी बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है।
इन ट्रेड में शामिल हैं:
* मोबाइल रिपेयरिंग
* ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग
* इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत
* बिजली उपकरणों की मरम्मत
* प्लंबर का काम
* कंप्यूटर रिपेयरिंग
* सोलर इंस्टॉलेशन
* डिजिटल फोटोग्राफी
* ब्यूटी और वेलनेस सेवाएं
इसके अलावा पारंपरिक कामों से जुड़े लोगों जैसे मूर्तिकार, मालाकार, दूध कारोबार, भरभूजा और मछली पालन करने वालों को भी योजना से जोड़ने की तैयारी है।
10 दिन का मुफ्त कौशल प्रशिक्षण
योजना के तहत लाभार्थियों को सबसे पहले कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि युवाओं को केवल आर्थिक मदद ही नहीं बल्कि काम को बेहतर तरीके से करने की तकनीक भी सिखाई जाए।
नए ट्रेड से जुड़े कारीगरों को बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने और सेवाएं देने के लिए करीब **10 दिन का मुफ्त कौशल प्रशिक्षण** दिया जाएगा।
यह प्रशिक्षण आईटीआई, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड और संबंधित सरकारी संस्थानों के माध्यम से कराया जाएगा।
15 हजार रुपये तक की मुफ्त टूल किट
प्रशिक्षण पूरा करने वाले लाभार्थियों को काम शुरू करने के लिए जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
योजना के तहत पात्र कारीगरों को अधिकतम **15 हजार रुपये तक की मुफ्त टूल किट** देने का प्रावधान है। इससे छोटे कारोबार शुरू करने वालों को शुरुआती खर्च का बोझ कम होगा।
उदाहरण के तौर पर मोबाइल रिपेयरिंग करने वाले व्यक्ति को जरूरी मशीनें और उपकरण, वहीं बिजली मिस्त्री को काम से जुड़े औजार उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
10 लाख रुपये तक मिलेगा ब्याज मुक्त ऋण
सरकार की इस योजना का सबसे बड़ा लाभ आर्थिक सहायता है। प्रशिक्षित लाभार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए परियोजना लागत के आधार पर बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
इसमें अधिकतम **10 लाख रुपये तक का ऋण बिना गारंटी और बिना ब्याज** देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही ऋण की मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में सरकार की ओर से सहायता दी जाएगी।
इससे युवाओं को बैंक लोन लेने में आने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
छोटे कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग छोटे व्यवसाय और पारंपरिक कामों से जुड़े हुए हैं। कई बार आर्थिक समस्या के कारण वे अपने काम को आगे नहीं बढ़ा पाते।
सरकार का मानना है कि आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण मिलने से ऐसे लोग अपने कारोबार को आधुनिक तरीके से चला सकेंगे।
इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रताएं तय की गई हैं।
* आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
* न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
* आवेदक किसी पारंपरिक या संबंधित ट्रेड से जुड़ा होना चाहिए।
बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, नाई, मोची, राजमिस्त्री और अन्य कारीगर पहले से ही इस तरह की योजनाओं से जुड़े रहे हैं।
युवाओं के लिए स्वरोजगार का मौका
आज के समय में तकनीकी कामों की मांग लगातार बढ़ रही है। मोबाइल, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सोलर सिस्टम जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित लोगों के लिए रोजगार के अवसर मौजूद हैं।
सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण और आर्थिक मदद देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
सरकार का रोजगार पर फोकस
योगी सरकार लगातार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाओं के जरिए भी युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2 को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गांव और छोटे शहरों के लोगों को फायदा
इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों के युवाओं को मिलने की उम्मीद है। जहां बड़े उद्योगों में रोजगार के अवसर सीमित होते हैं, वहां छोटे व्यवसाय शुरू कर लोग अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
मोबाइल रिपेयरिंग, बिजली का काम, प्लंबिंग और अन्य सेवाओं की मांग हर क्षेत्र में रहती है।
आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में कदम
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवा स्वरोजगार से जुड़ें। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण, उपकरण और आर्थिक सहायता एक साथ उपलब्ध कराई जा रही है।
इस योजना से युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी और राज्य में छोटे उद्योगों का नेटवर्क मजबूत होगा।