वैदिक मंत्रों के बीच अक्षय वट सौंदर्यीकरण का शुभारंभ, श्रीशुकदेव आश्रम में विकास कार्य शुरू

Update: 2026-07-25 14:37 GMT

शुक्रतीर्थ (मुजफ्फरनगर) :   धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम स्थित पौराणिक एवं सिद्ध अक्षय वट परिसर के विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पर्यटन विभाग की ओर से स्वीकृत 1.75 करोड़ रुपये की लागत वाली सौंदर्यीकरण योजना का विधिवत शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन और शिलान्यास के साथ हुआ।

आश्रम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भागवत पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज और मुख्य अतिथि अमरनाथ पाल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु, स्थानीय लोग और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

वैदिक मंत्रों के बीच हुआ भूमि पूजन

भूमि पूजन समारोह में आचार्य जीसी उप्रेती और आचार्य अरुण ने मुख्य यजमानों से धार्मिक विधि के अनुसार पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियर्स और शिल्पियों का सम्मान किया गया। शिल्पियों को तिलक लगाकर और पांच मंगल ईंटें रखकर सौंदर्यीकरण योजना की शुरुआत की गई।

कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने इस विकास कार्य को तीर्थ क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

तीर्थों का विकास सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण: स्वामी ओमानंद

पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि तीर्थ स्थल केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं होते, बल्कि यह देश की सनातन संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक भी हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थों के संरक्षण और विकास से सांस्कृतिक चेतना मजबूत होती है और स्थानीय क्षेत्र के विकास को भी गति मिलती है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई उपेक्षित तीर्थ स्थलों को भव्य स्वरूप देने का कार्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किया जा रहा है। उन्होंने इसे पूज्य गुरुदेव स्वामी कल्याणदेव जी महाराज के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

अक्षय वट परिसर को मिलेगा नया स्वरूप

सौंदर्यीकरण योजना के तहत अक्षय वट परिसर को श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुविधाजनक एवं आकर्षक बनाया जाएगा। विकास कार्यों के पूरा होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

श्री शुकदेव आश्रम का धार्मिक महत्व प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है। भागवत कथा परंपरा और महर्षि शुकदेव जी की तपोभूमि के रूप में यह क्षेत्र देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। अक्षय वट परिसर भी यहां आने वाले भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।

क्षेत्रीय पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

पर्यटन विभाग की इस पहल से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है। बेहतर सुविधाओं और विकसित परिसर के कारण आने वाले समय में अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनेगा।

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