Bareilly: वेतन न मिलने पर आशा कार्यकत्रियों ने जताया विरोध

Update: 2025-09-26 07:14 GMT

बरेली: त्योहार से पूर्व तीन माह का वेतन दिलाने की मांग और अस्पताल प्रबर्धन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए आशा कार्यकत्रियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रदर्शन किया। इस दौरान तीमारदारों ने अस्पताल के अंदर अव्यवस्थाओं एवं भ्रष्टाचार की पोल खोली। फरीदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगभग 240 आशा कार्यकारी कार्यरत हैं। आशा कार्यकत्रियों ने बताया कि उन्हें तीन माह से वेतन नहीं मिला है। आर्थिक परेशानी झेल रही हैं और अब त्योहार आने वाले हैं।

आरोप लगाया कि बीसीपीएम पद पर तैनात कर्मी की लापरवाही से वेतन नहीं मिल रहा। आरोप लगाया कि आशाओं से वाउचर जमा करने के एवज में दो सौ रुपये की वसूली की जाती है। जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को मिलने वाली धनराशि का गबन करने के आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग उठाई। इसी दौरान परिसर मे मौजूद रधौली कला की प्रसूता लक्ष्मी के तीमारदारों ने सीएचसी के स्टाफ पर डिलीवरी करने के नाम पर 1200 रुपये वसूलने का आरोप लगाया। शौचालय के गेट को सुतली से बांधकर छोड़ गया है।

ताकि उनका उपयोग नही किया जा सके। इस दौरान अस्पताल मे पंखे नहीं चलने की शिकायत करते हुए हंगामा काटा गया। प्रदर्शन के दौरान बंदना, रिचा केशबाती, गीता देवी, राम कीर्ति सोनी, कुशमा, रूपवती, नूर जहां, बबली, सुनीता कमला, अरुणा, मीना, सुषमा, आदि के साथ सैकड़ों आशाऐ मौजूद रही। सीएचसी अधीक्षक अनुराग गौतम ने बताया कि आशाओ के वेतन का हमारे स्तर से कोई काम नही है। बजट का इश्यू है। किसी भी मरीज ने स्टाफ द्वारा रुपये लेने की शिकायत नही की थी अगर कोई शिकायत करता है तो तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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