आलू के बाद अरबी ने बढ़ाई परेशानी, किसान ने उठाया बड़ा कदम

Update: 2026-07-15 16:33 GMT

हसनपुर (अमरोहा)। आलू की फसल में नुकसान झेल चुके किसानों की परेशानी अब अरबी की खेती में भी बढ़ गई है। कम भाव मिलने से निराश एक किसान ने अपनी 12 बीघा खड़ी अरबी की फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया। मामला हसनपुर तहसील के कालाखेड़ा गांव का है, जहां किसान को मंडी में अरबी का उचित दाम नहीं मिल पा रहा था।

किसान का कहना है कि दिल्ली मंडी में अरबी का भाव इतना गिर गया है कि लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। मंडी में 50 किलो अरबी का बोरा करीब 500 रुपये में बिक रहा है, यानी किसान को केवल 10 रुपये प्रति किलो का भाव मिल रहा है। खाद, बीज, सिंचाई, मजदूरी और अन्य खर्चों को जोड़ने के बाद यह कीमत किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है।

हसनपुर क्षेत्र में करीब एक हजार बीघा भूमि पर अरबी की खेती की जाती है। यहां कालाखेड़ा समेत आसपास के कई गांवों में किसान बड़े पैमाने पर आलू और अरबी की पैदावार करते हैं। इस बार पहले आलू के गिरते दामों ने किसानों को नुकसान पहुंचाया और अब अरबी के भाव भी गिरने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

किसान ने बताया कि फसल तैयार करने में काफी मेहनत और पैसा लगाया गया था, लेकिन मंडी में कम कीमत मिलने के कारण फसल बेचने से ज्यादा नुकसान हो रहा था। मजबूरी में उसने खेत में खड़ी पूरी फसल को नष्ट करने का फैसला लिया।

किसानों का कहना है कि सब्जियों के लगातार गिरते दामों से खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। उनका आरोप है कि मंडी में बिचौलियों को फायदा मिल रहा है, जबकि मेहनत करने वाले किसानों को लागत तक वापस नहीं मिल रही। किसानों ने सरकार से मांग की है कि फसलों का उचित मूल्य तय किया जाए और बाजार व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए, ताकि किसानों को नुकसान उठाकर अपनी फसल नष्ट करने जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

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