Bareilly: नफीस के खिलाफ 12वां मुकदमा, कार्रवाई का समय करीब

Update: 2025-10-24 08:04 GMT

बरेली: आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के इशारे पर शहर मे बवाल कराने वाले पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे नफीस खान पर अब पुलिस की टेढ़ी नजर हुई है। नफीस के खिलाफ शहर में हुए बवाल मे जहां 10 और फर्जी सिग्नेचर मामले मे एक मुकदमा दर्ज किया गया था। वही अब फर्जीवाड़ा करके वक्फ बोर्ड की जमीन हथियाने के मामले में कोतवाली में एक और रिपोर्ट दर्ज की गई है। ऐसे में नफीस के खिलाफ पुलिस बड़ी कार्रवाई कर सकती है। आपको बता दें कि शहर मे 26 सितंबर को हुए बवाल के मामले मे जेल भेजे गए आरोपी आईएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नफीस खान के खिलाफ देर रात कोतवाली में जालसाजी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के फरीदापुर चौधरी निवासी लियाकत की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई थी।

आरोप था कि आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने 26 सितंबर को लोगों को धरना देने के लिए इस्लामिया मैदान बुलाया था। इससे पहले 25 सितंबर की रात बिहारीपुर करोलान निवासी नदीम खान और कंघी टोला निवासी नफीस खान ने साजिशन उनके फर्जी हस्ताक्षर से पत्रक तैयार किया था। उसे आईएमसी का आधिकारिक पत्रक बताते हुए पुलिस-प्रशासन को यह कह कर दिया था कि 26 सितंबर को इस्लामिया मैदान मे मौलाना तौकीर ने धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। उस पत्रक से पुलिस-प्रशासन गुमराह हुआ। लियाकत ने कहा कि आईएमसी से उनका न तो कोई नाता है और न ही वह उसके कार्यकर्ता या पदाधिकारी है। 26 सितंबर को वह अपने गांव मे मौजूद थे। उनके गांव से भी कोई व्यक्ति मौलाना तौकीर के बुलावे पर इस्लामिया मैदान नही गया था। नदीम और नफीस ने उनके नाम का दुरुपयोग किया है। पहलवान साहब की मजार परिसर से सटी मार्केट की दूसरी मंजिल पर आईएमसी का कार्यालय स्थित है।

शहर में हुए बवाल के बाद नगर निगम ने इन सभी दुकानों को अवैध बताते हुए सील कर दिया है। मार्केट के दूसरे तल पर स्थित आईएमसी कार्यालय में बैठकर नफीस जिले में होने वाले संगठन के सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करता था। इस कार्यालय में मौलाना तौकीर का दो-तीन बार ही आना-जाना हुआ है। नफीस ही संगठन की पूरी रणनीति को अंजाम देता था। बवाल को लेकर दर्ज किए गए 10 मुकदमों के विवेचक, एसओजी प्रभारी, सर्विलांस प्रभारी, साइबर सेल प्रभारी और मीडिया सेल प्रभारी को एसआईटी में शामिल किया गया है। एसआईटी बवाल से जुड़े हर पहलू की जांच कर एक माह में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।

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