बलिया: प्रदेश सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सोनबरसा में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है, जहां प्रसव पीड़ा से कराहती एक महिला को न डॉक्टर मिला, न नर्स, और न ही बेड—मजबूरी में उसे अस्पताल के गेट के पास फर्श पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। यह शर्मनाक घटना कैमरे में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया।

बैरिया तहसील के लक्ष्मण छपरा गांव की निवासी गर्भवती महिला गुरुवार की रात करीब 1 बजे सीएचसी सोनबरसा पहुंची। अस्पताल का मुख्य द्वार खुला था, लेकिन अंदर के सभी कमरे बंद थे और वहां तैनात चिकित्सक व स्टाफ अपने क्वार्टर में आराम कर रहे थे। कोई कर्मचारी मौके पर नहीं था। मदद के अभाव में महिला ने अस्पताल परिसर में ही फर्श पर बच्चे को जन्म दिया।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जवाबदेही: वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सफाई देना शुरू किया। अधीक्षक डॉ. राजेश सरोज ने कहा कि वे छुट्टी पर हैं और घर में शादी समारोह है। ड्यूटी पर डॉक्टर व्यास तैनात थे। पूछे जाने पर डॉक्टर व्यास ने कहा कि महिला को वार्ड तक पहुंचाने का समय नहीं मिला और गेट के पास ही प्रसव हो गया। उन्होंने बताया कि प्रसव के तुरंत बाद वह और एक स्टाफ नर्स मौके पर पहुंचे और नवजात की देखरेख, नाल काटना व टीकाकरण आदि की प्रक्रिया पूरी कराई गई। सुबह सात बजे मां और बच्चे को घर भेज दिया गया। हालांकि, महिला का नाम-पता अस्पताल रजिस्टर में दर्ज नहीं है और आधार कार्ड भी अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है।

भाजपा नेत्री विजयलक्ष्मी सिंह का धरना: इस घटना से आक्रोशित भाजपा नेत्री एवं पूर्व सांसद भरत सिंह की पुत्री विजयलक्ष्मी सिंह शुक्रवार शाम अस्पताल पहुंचकर धरने पर बैठ गईं। उन्होंने दोषी चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों के निलंबन और पूरे स्टाफ के सामूहिक स्थानांतरण की मांग की। विजयलक्ष्मी ने कहा कि जब तक मुख्य चिकित्साधिकारी मौके पर नहीं आएंगे, वह धरने से नहीं उठेंगी।

मुख्य चिकित्साधिकारी की प्रतिक्रिया

मुख्य चिकित्साधिकारी से बात करने पर उन्होंने मामले की जांच अपर सीएमओ डॉ. विजय यादव को सौंपी है। डॉ. यादव ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली और बताया कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक कमरे में थे, लेकिन प्रसव अचानक हो गया। यह बात सुन विजयलक्ष्मी नाराज हो गईं और डॉक्टर विजय यादव मौके से चले गए।

विपक्षी दलों का भी आक्रोश

बसपा के पूर्व विधायक सुभाष यादव ने इसे मानवता के प्रति घोर लापरवाही बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। सपा नेता दशरथ यादव और श्यामू ठाकुर ने भी घटना की निंदा करते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल की हकीकत पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि सीएचसी सोनबरसा में रात के समय अक्सर डॉक्टर और स्टाफ अनुपस्थित रहते हैं। यह पहली बार नहीं है जब ऐसी घटना हुई हो, लेकिन इस बार वीडियो वायरल होने से मामला सार्वजनिक हो गया। यह घटना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर को उजागर करती है।

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