बलिया: पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नगरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सलेमपुर गांव में रविवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की मौत के मामले में पुलिस ने मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को धारा 85, 108, 238 बीएनएस के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

जलती चिता पर पहुंचीं बहनें, जताई हत्या की आशंका

सलेमपुर गांव निवासी विनय चौहान की शादी 15 साल पहले सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के भटवाचक गांव की संयोगिता चौहान (35) से हुई थी। रविवार रात संयोगिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सोमवार तड़के ससुराल वाले अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इसी दौरान संयोगिता की बहनें सविता और सुनीता मौके पर पहुंचीं और जलती चिता देखकर हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी।

जीजा ने लगाया गंभीर आरोप

संयोगिता के बहनोई बालजीत ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि संयोगिता शादी के बाद से ही पति और ससुराल वालों की प्रताड़ना से परेशान थी। 16 फरवरी की रात उसने फांसी लगा ली, जिसके बाद परिजनों ने जल्दबाजी में शव जला दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

गिरफ्तारी कैसे हुई

जांच के दौरान उपनिरीक्षक विकास यादव अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी बीच मुखबिर की सूचना पर विनय चौहान (पुत्र घूरा चौहान) और उसकी मां श्यामसुंदरी देवी (पत्नी घूरा चौहान) को सलेमपुर चट्टी के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

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