Auraiya: किसानों की फसलें डूबीं, यमुना-चंबल बाढ़ के बाद मुआवजे की मांग उठी

Update: 2025-08-03 09:26 GMT

औरैया: जिले में यमुना और चंबल नदियों में आई भीषण बाढ़ ने जनपद के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। औरैया जिले की अजीतमल और औरैया तहसील क्षेत्र के कई गांवों में हजारों बीघा फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। बाढ़ से सबसे अधिक नुकसान बाजरे की फसल क़ा हुआ है। किसानों की सालभर की कमाई बर्बाद हो गई है, जिससे वे भारी आर्थिक संकट में हैं।

अजीतमल तहसील क्षेत्र के गांव असेवा निवासी किसान राजवीर शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपनी 18 बीघा ज़मीन में बाजरे की फसल बोई थी लेकिन नदी का पानी खेतों में घुस गया और पूरी फसल डूबकर सड़ गई। राजवीर के अनुसार, “इस फसल पर मैंने हजारों रुपये का बीज, खाद और कीटनाशक खर्च किया था। ट्रैक्टर से जुताई का भी खर्च उठाया था, लेकिन अब सब खत्म हो गया।”

ऐसे ही दर्जनों किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। प्रभावित किसान प्रशासन से राहत और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक नुकसान का मुआबजा नहीं मिलेगा, तब तक अगली फसल की बुवाई कर पाना संभव नहीं होगा।

किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल क्षेत्र का सर्वे कराया जाए और बाढ़ से प्रभावित किसानों को उचित आर्थिक सहायता दी जाए। बाढ़ से न केवल फसलें नष्ट हुई हैं, बल्कि खेतों में बालू और कीचड़ भर जाने से भविष्य की खेती भी संकट में आ गई है। अजीतमल उपजिलाधिकारी निखिल राजपूत ने बताया टीम बना कर जल्द ही फसलों के नुकसान का आकलन करवाकर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

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