Uttar Pradesh उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति को लेकर जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नेपाल की ओर से लगातार मिल रही चेतावनियों के बीच फिलहाल किसी दूसरी झील से पानी आने जैसी कोई जानकारी नहीं है। प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बलिया में बाढ़ की स्थिति को लेकर जानकारी देते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि नेपाल से आने वाले पानी और संभावित खतरे को देखते हुए सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि अधिकारी लगातार फील्ड में मौजूद हैं और हर स्थिति की निगरानी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि महाराजगंज स्थित वाल्मीकि बैराज से नारायणी नदी के पानी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यही पानी आगे चलकर उत्तर प्रदेश की गंडक नदी में पहुंचता है। अधिकारियों द्वारा जलस्तर, पानी के बहाव और संभावित प्रभावों की लगातार समीक्षा की जा रही है। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 में गंडक नदी में रिकॉर्ड मात्रा में पानी छोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि उस दौरान 5 लाख 62 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो पिछले 21 वर्षों का रिकॉर्ड था। इसके बावजूद प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए लगातार काम किया।
स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूरी तैयारी के साथ काम कर रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करें। उन्होंने कहा कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद उत्तर प्रदेश सरकार भी सतर्क है। खासतौर पर सीमावर्ती जिलों में प्रशासन को अलर्ट रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। मंत्री ने बताया कि नदियों के जलस्तर में बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। बैराजों और तटबंधों की स्थिति की भी समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसून के दौरान नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा बना रहता है। नेपाल से आने वाली नदियों के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाती है। स्वतंत्र देव सिंह ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह तैयार हैं। फिलहाल वाल्मीकि बैराज और गंडक नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर हर स्तर से निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार तत्काल कदम उठाए जाएंगे।
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