लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। गुरुवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा को सरकार नहीं बल्कि दुकानदार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदेश की महत्वपूर्ण संपत्तियों को बेचने का काम कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के हितों को प्राथमिकता देने के बजाय चीजों को बेचने में लगी हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को भी बेच दिया और यदि भाजपाइयों का बस चले तो वे अपनी पार्टी को भी बेच दें।

सपा अध्यक्ष का यह बयान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को 30 वर्ष की लीज पर दिए जाने के फैसले के बाद आया है। अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व वाली संस्थाओं की रक्षा करनी चाहिए, न कि उन्हें निजी हाथों में सौंपना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जेपीएनआईसी केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और समाजवादी विचारधारा से जुड़े महान नेता जय प्रकाश नारायण की स्मृतियों से जुड़ा हुआ स्थान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ऐसे स्थानों के महत्व को खत्म करने का काम कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार का ध्यान जनहित के कामों के बजाय संपत्तियों के सौदे करने पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।

सपा प्रमुख ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है। उन्होंने कहा कि जय प्रकाश नारायण जैसे महान नेताओं के विचार आज भी समाज को दिशा देने का काम करते हैं। ऐसे स्थानों को संरक्षित करने की जरूरत है, न कि उन्हें व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए दिया जाना चाहिए।

उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को रोजगार, महंगाई, किसानों और युवाओं के मुद्दों पर काम करना चाहिए, लेकिन इसके बजाय वह सरकारी संपत्तियों को लेकर फैसले कर रही है।

अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार की नीतियों को बताने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार जनता के मुद्दों को उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के फैसलों का विरोध करेगी।

गौरतलब है कि लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर लंबे समय से राजनीतिक विवादों में रहा है। सपा सरकार के दौरान तैयार किए गए इस केंद्र को लेकर भाजपा और सपा के बीच कई बार आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले हैं। अब लीज पर दिए जाने के फैसले ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।

भाजपा सरकार की ओर से इस मामले में अपने तर्क दिए जा रहे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी इसे सरकारी संपत्तियों के निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है। दोनों प्रमुख दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी जारी है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जेपीएनआईसी का मुद्दा आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में और गरमा सकता है। समाजवादी पार्टी इसे जनता से जुड़े मुद्दे के रूप में उठाने की तैयारी में है, वहीं भाजपा सरकार अपने फैसले को उचित ठहराने की कोशिश कर रही है।

अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर भाजपा और सपा आमने-सामने आ गए हैं। जेपीएनआईसी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

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