ब्राह्मणों को लेकर अखिलेश का बड़ा बयान, बोले- पीडीए में 'पीडी' यानी पंडित भी

Update: 2026-08-05 13:20 GMT
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री **अखिलेश यादव** ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित समाजवादी चिंतक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री **जनेश्वर मिश्र** की जयंती समारोह में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने अपने चर्चित **पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक)** फार्मूले को नई व्याख्या देते हुए कहा कि **“पीडीए में पीडी का मतलब पंडित भी है।”** उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उनकी राजनीति और पीडीए की ताकत से घबराई हुई है, इसलिए लगातार इसकी नई-नई व्याख्याएं करने की कोशिश कर रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा यह समझ ले कि समाजवादी पार्टी का पीडीए केवल एक चुनावी नारा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भाजपा जब से चुनाव में पीडीए की ताकत के सामने कमजोर हुई है, तभी से उसके नेता इस अवधारणा को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि **“वे भूल गए हैं कि पीडीए में पीडी पंडित का भी शॉर्ट फॉर्म है। जितनी पीड़ा बढ़ाओगे, पीडीए उतना ही मजबूत होगा।”**
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी किसी एक जाति या वर्ग की नहीं बल्कि सभी समाजों की पार्टी है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति सामाजिक समरसता, समान अवसर और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर जनेश्वर मिश्र के विचारों और उनके मिशन को आगे बढ़ाया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाजवादी नेता **जनेश्वर मिश्र** को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर समाजवादी आंदोलन को मजबूती देने का काम किया। वे केवल एक बड़े नेता ही नहीं, बल्कि सादगी, ईमानदारी और सिद्धांतों की राजनीति के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में बिना किसी भेदभाव के लोगों को जोड़ने का काम किया और समाजवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाया। ऐसे नेताओं के आदर्श आज भी समाजवादी पार्टी के लिए प्रेरणा हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के लिए जिस स्थान पर अनुमति मांगी गई थी, वहां प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि जनेश्वर मिश्र के विचारों को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि लखनऊ में उनके नाम पर बना पार्क आने वाली पीढ़ियों को हमेशा उनकी याद दिलाता रहेगा।
अपने भाषण के दौरान अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और भाजपा सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रताड़ना और अन्याय के कई उदाहरण सामने आए हैं। उनका आरोप था कि भाजपा सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए केवल प्रचार पर ध्यान दे रही है, जबकि आम लोगों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
इस अवसर पर उन्होंने **राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी** के मामले का भी जिक्र किया और सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने कहा कि चढ़ावे के मामले में दान देने वालों से रसीद मांगना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में मंदिरों में श्रद्धा से दिया गया दान बिना किसी रसीद के होता है और अब उसी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार इतनी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी केवल छोटे कर्मचारियों के स्तर पर संभव नहीं हो सकती और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कई बार अयोध्या गए, लेकिन उन्हें इस कथित अनियमितता की जानकारी नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जवाब देने के बजाय लोगों से रसीद मांगकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा हुआ है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और सामाजिक न्याय, संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी उसी उम्मीद का प्रतिनिधित्व करती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा जनेश्वर मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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