वाराणसी: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास एवं श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के नव नियुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्यम मिश्र ने सोमवार को विधिवत अपना पदभार ग्रहण किया। नई जिम्मेदारी संभालने से पहले उन्होंने परिवार के साथ काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा कालभैरव के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
पदभार ग्रहण करने के बाद सत्यम मिश्र ने मंदिर न्यास और परिषद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम दर्शन और धाम की व्यवस्थाओं की गुणवत्ता उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी।
परिवार के साथ पहुंचे कालभैरव मंदिर
मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पदभार संभालने से पहले सत्यम मिश्र अपने परिवार के साथ बाबा कालभैरव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से दर्शन और पूजन किया।
काशी में किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी या शुभ कार्य की शुरुआत से पहले बाबा कालभैरव के दर्शन की पुरानी धार्मिक परंपरा रही है। इसी क्रम में नव नियुक्त सीईओ ने भी कालभैरव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
दर्शन के दौरान उनके साथ परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। पूजा के बाद वह श्री काशी विश्वनाथ धाम के लिए रवाना हुए।
बाबा विश्वनाथ का किया पूजन-अर्चन
कालभैरव मंदिर में दर्शन के बाद सत्यम मिश्र श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और नई जिम्मेदारी के सफल निर्वहन के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान मंदिर से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के बाद सत्यम मिश्र ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद उन्होंने औपचारिक रूप से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास एवं श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पदभार ग्रहण किया।
अधिकारियों और कर्मचारियों से किया परिचय
पदभार ग्रहण करने के अवसर पर मंदिर न्यास और विकास परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सत्यम मिश्र ने एक-एक कर अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और उनके कार्य एवं जिम्मेदारियों की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों के बीच तालमेल आवश्यक है।
उन्होंने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए टीम भावना के साथ काम करने की बात कही।
श्रद्धालुओं की सुविधा रहेगी प्राथमिकता
पदभार ग्रहण करने के बाद नव नियुक्त सीईओ ने श्रद्धालुओं की सुविधा को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें बेहतर और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
धाम में श्रद्धालुओं के प्रवेश से लेकर दर्शन तक की व्यवस्था को सुगम बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भीड़ के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्थाओं को संचालित करने पर जोर रहेगा।
सुगम दर्शन व्यवस्था पर रहेगा फोकस
श्री काशी विश्वनाथ धाम में सामान्य दिनों के अलावा सावन, महाशिवरात्रि और अन्य प्रमुख धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
नए सीईओ ने सुगम दर्शन को प्राथमिकता देने की बात कही है। इसके तहत श्रद्धालुओं की कतार, प्रवेश और निकास व्यवस्था सहित विभिन्न सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जा सकती है।
श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन कराने के लिए मंदिर प्रशासन की विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया जाएगा।
व्यवस्थाओं की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर
सत्यम मिश्र ने कहा कि श्री काशी विश्वनाथ धाम की व्यवस्थाओं की गुणवत्ता को बनाए रखना भी उनकी प्राथमिकता रहेगी। धाम में साफ-सफाई, सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी लोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें और किसी भी समस्या का समाधान आपसी समन्वय के माध्यम से किया जाए।
धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को सकारात्मक अनुभव मिले, इसके लिए सेवा और व्यवस्था दोनों स्तर पर लगातार काम करने की जरूरत पर जोर दिया गया।
विश्वनाथ धाम की गरिमा बनाए रखने का लक्ष्य
नव नियुक्त सीईओ ने कहा कि विश्वनाथ धाम की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। मंदिर केवल वाराणसी ही नहीं बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
इसी कारण यहां की व्यवस्था में धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं का ध्यान रखना आवश्यक है। मंदिर प्रशासन की कोशिश रहेगी कि आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था के बीच बेहतर संतुलन बना रहे।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार करते समय धाम की गरिमा और धार्मिक स्वरूप को सर्वोच्च महत्व दिया जाएगा।
मंदिर प्रशासन के सामने बड़ी जिम्मेदारी
श्री काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और धार्मिक आयोजनों के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ सकती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन से लेकर सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था तक कई स्तरों पर प्रशासन को काम करना पड़ता है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में सत्यम मिश्र के सामने मंदिर न्यास और विकास परिषद के कार्यों में बेहतर समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।
श्रद्धालुओं से जुड़ी सुविधाओं के साथ ही धाम की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी भी उनके कार्यक्षेत्र का अहम हिस्सा रहेगी।
टीमवर्क के साथ आगे बढ़ने का संदेश
पदभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पहली मुलाकात में सत्यम मिश्र ने टीमवर्क का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ काम करें।
उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ काम करने और समस्याओं का समय पर समाधान करने पर जोर दिया।
नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही सत्यम मिश्र ने संकेत दिया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में सुगम दर्शन, बेहतर सुविधाएं और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता उनके कार्यकाल की प्रमुख प्राथमिकताएं रहेंगी।